ठंड की छुट्टियां शुरू होते ही देश भर में घूमने फिरने का सिलसिला तेज हो गया है और इसी क्रम में दुनिया के सात अजूबों में शामिल भारत के ताजमहल को देखने के लिए देशी और विदेशी पर्यटक आगरा पहुंच रहे हैं. लेकिन इस बार उनका दीदार अधूरा रह गया.
घने कोहरे ने ताजमहल को अपनी चादर में इस कदर ढक लिया कि पर्यटक उसे देख ही नहीं पाए. सर्द मौसम के बीच यह स्थिति आगरा के पर्यटन पर सीधा असर डालती नजर आई और ताजमहल देखने आए सैलानियों की उम्मीदों पर धुंध छा गई.
घने कोहरे में गायब हुआ ताजमहल
आगरा में तापमान गिरने के साथ ही सुबह के समय घना कोहरा छा गया. तापमान में और गिरावट आने के साथ ही ताजमहल घने कोहरे की चादर में छिप गया है. शुरुआती घंटों में ताजमहल पूरी तरह कोहरे में लिपटा नजर आया.
ताजमहल के मुख्य द्वार से लेकर मुख्य गुम्बद तक कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था. सूरज की पहली किरणों में ताज देखने का सपना लेकर पहुंचे पर्यटक निराश नजर आए. कोहरे के कारण ताजमहल का भव्य स्वरूप आंखों से ओझल रहा और यह दृश्य सर्दियों की कठोरता को दर्शाता रहा.
फोटोग्राफी और नजारों पर भी असर
घने कोहरे के चलते पर्यटक ताजमहल के साये में फोटोग्राफी भी नहीं कर सके. मेहताब बाग से भी धुंध के कारण ताजमहल को देख पाना मुश्किल हो गया. जिन पर्यटकों ने ताज की खूबसूरत तस्वीरें लेने की योजना बनाई थी, उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. चारों ओर फैली धुंध ने दृश्यता बेहद कम कर दी.
इसी तरह दिल्ली एनसीआर में भी जहरीली स्मॉग के कारण सुबह के वक्त कई इलाकों में धुंध देखने को मिली. उत्तर भारत में सर्दी और प्रदूषण के इस मेल ने आम जनजीवन के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी प्रभावित किया. ताजमहल देखने आए पर्यटकों में मायूसी साफ झलक रही थी. सुबह-सुबह दीदार के लिए पहुंचे कई सैलानी निराश होकर लौटते नजर आए.