उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से फिलहाल राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है, मौसम विभाग ने सितंबर महीने में सामान्य अधिक वर्षा की संभावना जाहिर की है. इसी क्रम में 01 सितंबर को सम्भावित अधिकतम गतिविधियों के दृष्टिगत प्रदेश के पश्चिमी एवं संलग्न मध्यवर्ती भाग के कुछ जिलों को संभावित भारी से बहुत भारी वर्षा हेतु ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है. 1 सितंबर को राजधानी लखनऊ में भी मध्यम वर्षा के साथ कहीं कहीं संभावित भारी वर्षा के परिप्रेक्ष्य में येलो अलर्ट जारी की गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त माह के दौरान बने 4 निम्नदाब क्षेत्रों व 5 सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों में से 3 की पारस्परिक प्रतिक्रिया के प्रभाव से अगस्त माह में प्रदेश में 235.5 मिमी के दीर्घावधि औसत के सापेक्ष 2% अधिक कुल 241.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सर्वाधिक 636.5 मिमी के साथ औसतन 237.6 मिमी (+4%) वर्षा हुई. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में सर्वाधिक 417.9 मिमी के साथ 243.6 मिमी (+1%) बारिश दर्ज की गई.
मानसून के दौरान बिजनौर में हुई अधिक वर्षा
इसी क्रम में मानसून ऋतु के दौरान अब तक प्रदेश में 593.1 मिमी के दीर्घावधि औसत के सापेक्ष 2% कम कुल 579.2 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इसी अवधि के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 623.4 मिमी (+14%) एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 548.4 मिमी (-12%) वर्षा हुई जो सामान्य श्रेणी में है. मानसून-2025 के दौरान अब तक प्रदेश के बिजनौर जनपद में सर्वाधिक 1097.4 मिमी (+48%) वर्षा हुई है.
सितंबर में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना
मानसून मिशन युग्मित जलवायु माडल से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार प्रचलित तटस्थ निनो एवं हिंद महासागरीय द्विध्रुव परिस्थितियों के मानसून उत्तरार्द्ध ऋतु के दौरान अस्थायी रूप से नकारात्मक फेज में प्रवेश करने की सम्भावनाओं के दृष्टिगत सितंबर महीने के दौरान जहां प्रदेश के अधिकांश भाग में औसत मासिक वर्षा सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.
वहीं प्रदेश के पूर्वोत्तर भाग के कुछ अंचलों में यह सामान्य से कम रहने की संभावना है. जिसके परिणामस्वरूप जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औसत मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से कम व पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य के आसपास रहने वहीं औसत न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.
मानसून सक्रियता बढ़ने से सितंबर का आगाज भारी वर्षा के साथ
उत्तरी पाकिस्तान एवं संलग्न पंजाब के ऊपर मध्य से ऊपरी क्षोभमंडल तक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में विस्तृत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून द्रोणी के सम्भावित उत्तरी विचलन से प्रदेश में मानसून प्रवाह सुदृढ़ होने तथा इसकी पश्चिमी विक्षोभ के साथ प्रतिक्रिया एवं अन्य अनुकूल सिनाप्टिक परिस्थितियों के परिणामस्वरुप सितंबर माह के आरम्भिक चरण में मानसूनी गतिविधियों में वृद्धि होने से ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ 02 सितंबर तक भारी वर्षा होने की संभावना है.