यूपी वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य! मौलाना खालिद रशीद बोले- मजहबी मामलों को सियासत न बनाएं
UP Waqf Board: मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना खालिद रशिद फरंगी महली ने कहा, "फिलहाल ये कानून है इसमें कुछ नहीं किया जा सकता. दूसरे मजहिद के जो बोर्ड हैं उसमें दूसरे धर्म के लोग को शामिल नहीं किया जा सकता."

उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी द्वारा एमपी की तर्ज पर अब यूपी में भी वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का बयान दिया है. जिस पर लखनऊ में शाही इमाम और मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना खालिद रशिद फरंगी महली ने कहा, "फिलहाल ये कानून है इसमें कुछ नहीं किया जा सकता. दूसरे मजहिद के जो बोर्ड हैं उसमें दूसरे धर्म के लोग को शामिल नहीं किया जा सकता."
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि हमें कभी कोई दिक्कत नहीं हुई है और न होगी. इसमें जो संपत्ति हैं उसमें सारे नियम मुस्लिम ही जानता है, लेकिन ये मजहबी मामला है जिसे राजनीतिक शक्ल दी जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने सीएम योगी के अयोध्या में नमाज पर दिए गए बयान पर कहा कि तमाम मामलात आप बयान कर रहे हैं, ये सियासी है. मंदिर में पूजा होनी चाहिए और मस्जिद में नमाज होनी चाहिए.
एमपी की तर्ज पर यूपी में होगा वक्फ बिल
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बयान देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की तर्ज पर यूपी में भी वक्फ संशोधन बिल 2024 लागू किया जाएगा. जिसमें नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का गठन होगा. उन्होंने कहा कि इस बोर्ड में शिया, सुन्नी और तमाम वर्गों के प्रतिनिधित्त्व के साथ गैर मुस्लिम भी शामिल होंगे. इस यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी. उनका समर्थन बीजेपी नेता मोहसिन रजा खान ने भी किया है.
सपा ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया है, हालाँकि फिर भी हम कहते हैं कि अभी भी इस फैसले में आधी बातें स्टे में हैं. जब तक कोर्ट का पूरा फैसला न आ जाए तब तक राज्य सरकात को ऐसे किसी फैसले और नियुक्ति से बचना चाहिए.
यह भी पढ़ें: बाल विवाह की पीड़िता पति को चकमा देकर पहुंची पुलिस बूथ, अधिकारियों से की सुरक्षा की मांग



















