'माता प्रसाद पांडेय को शिवपाल का श्राप न लगे...' सीएम योगी ने विधानसभा में यह क्या कह दिया?
UP Vidhan Sabha के आखिरी दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में अपनी बात रखी. इस दौरान सीएम योगी ने शिवपाल सिंह यादव पर निशाना साधा.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के नेता और जसवंत नगर विधायक शिवपाल सिंह यादव पर निशाना साधा है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने सपा नेता पर टिप्पणी की.
उन्होंने कहा कि माता प्रसाद पांडेय की सरलता, सहजता और विनम्रता सबको आकर्षित करती है. वह स्वस्थ रहें, दीर्घजीवी हों. शिवपाल जी का श्राप उन पर न लगे. यह मैं कामना जरूर करता हूं. सीएम योगी के यह कहते ही माता प्रसाद पांडेय ने हाथ जोड़ लिए.
इसके अलावा सीएम योगी ने शिवपाल यादव को लठैत बताया. उन्होंने माता प्रसाद को कहा कि आप समाजवादी पार्टी की रीढ़ हैं. आप लोहिया को मानने वाले लोग हैं करीब से देखा है कि आपने सपा को खड़ा करने के लिए बहुत कुछ किया है. वो अलग बात है कि आपके पीछे शिवपाल जैसे लठैत खड़े थे.
इतना ही नहीं सीएम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उम्र के हिसाब से आंकड़ो में घालमेल नहीं करेंगे. कभी-कभी संगत का असर होता है. लगता है चाचू (शिवपाल सिंह यादव) का असर हो गया है
सीएम ने कहा कि आप ने जो बातें यहां (विधानसभा में) कहीं हैं और मुझे लग रहा था कि नेता प्रतिपक्ष उम्र के हिसाब से आंकड़ों में घालमेल नहीं करेंगे. एक बार तो उन्होंने ऐसा प्रयास किया था. मुझे तब लगा कि संगत का असर होता है. मुझे लगा कि चाचू का असर हो गया है. आपने कहा था कि राजकोषीय घाटा और कर्ज ज्यादा है.
बजट सत्र के आखिरी दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्ज के अनुपात को घटाकर 27 प्रतिशत से 23 प्रतिशत पर लाने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सरकारी आय लगभग 43 हजार करोड़ रुपये थी, जो अब एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तभी विकसित होगा जब राज्य विकसित होंगे, और उत्तर प्रदेश जो कभी देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, अब शीर्ष तीन राज्यों में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने लक्ष्य रखा कि वित्त वर्ष 2026-27 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था 40 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचाई जाएगी.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के समय उत्तर प्रदेश की छवि इतनी खराब हो गई थी कि लोगों को बाहर होटलों में कमरे तक नहीं मिलते थे, जबकि आज प्रदेश के लोगों का सम्मान बढ़ा है. उन्होंने बताया कि मौजूदा बजट 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का है. वर्ष 2017 में किसानों की कर्जमाफी के समय प्रदेश की वित्तीय स्थिति बेहद कमजोर थी और खराब धारणा के कारण कहीं से मदद नहीं मिल रही थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर सरकारी धन के रिसाव को रोका. मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्ष 2026 में पूंजीगत व्यय बढ़कर 1 लाख 77 हजार करोड़ रुपये हो गया है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























