UP News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को शुक्रवार को एक बड़ी कामयाबी मिली है. एसटीएफ ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे 50-50 हजार रुपये के इनामी दंपती को जनपद बस्ती से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के नाम कौशल चन्द्र उपाध्याय और उसकी पत्नी रंजना उर्फ अंजली हैं. ये दोनों लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे थे और ससुराल व बिहार में छिपकर रह रहे थे.

इन दोनों की गिरफ्तारी गड़हा गौतम अंडरपास, थाना कप्तानगंज क्षेत्र, बस्ती से की गई. इनके खिलाफ थाना कप्तानगंज में मु.अ.सं. 215/2024 दर्ज है, जिसमें भारतीय दंड संहिता (भादवि) की जगह लागू नए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.

पारिवारिक संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह

पूछताछ में अभियुक्त कौशल ने बताया कि उसने अपनी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर गोदावरी और उसकी बेटी सौम्या की हत्या कर दी थी. आरोपियों ने हत्या के बाद शवों को जला दिया ताकि कोई सबूत न बचे. इस जघन्य अपराध में अब तक पांच आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि यह दंपती फरार था और प्रयागराज भागने की फिराक में था.

एसटीएफ की टीम ने किया जाल बिछाकर गिरफ्तार

इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली एसटीएफ टीम में निरीक्षक ओम शंकर शुक्ला, गिरिजाशंकर यादव, कुलदीप सिंह, राकेश शर्मा, दिलीप कुमार और चालक अवधेश यादव शामिल रहे. टीम ने सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और महिला कांस्टेबल की मदद से दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

अपराध की लंबी फेहरिस्त

गिरफ्तार कौशल चन्द्र उपाध्याय के खिलाफ पहले से ही एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. इनमें झगड़ा, धमकी, एससी/एसटी एक्ट, गुंडा एक्ट, गंभीर मारपीट और अब हत्या जैसे संगीन अपराध शामिल हैं.

इनमें से प्रमुख मुकदमे हैं:मु.अ.सं. 195/2008 (एससी/एसटी एक्ट),मु.अ.सं. 237/2009 (गुंडा एक्ट),मु.अ.सं. 49/2020,मु.अ.सं. 215/2024 (हत्या)मु.अ.सं. 34/2025 (बीएनएस की धारा 209).

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना कप्तानगंज, बस्ती में दाखिल किया गया है. अब स्थानीय पुलिस इनसे जुड़ी आगे की कार्रवाई करेगी और केस को अदालत में मजबूती से पेश करेगी.

गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में उत्तर प्रदेश में एसटीएफ द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को काफी तेज किया गया है. राज्य सरकार ने साफ किया है कि इनामी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कई बार कह चुके हैं कि अपराधी या तो जेल में होंगे या फिर प्रदेश छोड़ देंगे. इस तरह की कार्रवाई राज्य में कानून व्यवस्था की मजबूती का उदाहरण पेश करती है.