उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला लिया है, सरकार ने उपभोक्ताओं के भारी विरोध के बाद प्रीपेड व्यवस्था को खत्म कर दिया है. अब पहले की तरह पोस्टपेड प्रणाली ही लागू होगी, जिसमें उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल दिया जाएगा और उसे निश्चित अवधि में बिल का भुगतान करना होगा. अब सरकार के फैसले पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी का बयान सामने आया है.

Continues below advertisement

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड यानी पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता ने सरकार के फैसले की पीछे की बड़ी वजह बताई है. रविश गुप्ता ने बताया कि यह निर्णय लोगों की शिकायतों और विरोध को देखते हुए लिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके. अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिल मिलेगा और भुगतान के लिए समय भी दिया जाएगा.

लखनऊ: बड़े मंगल की शुरुआत पर गूंजा प्रकृति रक्षा का संदेश, प्लास्टिक की जगह बांटे पत्तों के पत्तल

Continues below advertisement

सिर्फ प्रीपेड व्यवस्था की गई खत्म

पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था समाप्त नहीं की गई है, इसमें सिर्फ प्रीपेड व्यवस्था को खत्म किया गया है क्योंकि इसके कई लाभ हैं. इससे बिजली की खपत का सही आंकड़ा मिलता है, गलत बिलिंग की समस्या कम होती है और बिजली चोरी पर भी रोक लगती है.

उपभोक्ता अपनी खपर पर रख सकते हैं नजर

पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता ने बताया कि उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख सकते हैं और जरूरत के अनुसार बिजली का उपयोग कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को सुविधा भी मिले और बिजली व्यवस्था भी बेहतर और पारदर्शी बनी रहे. उधर, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रीपेड मीटर पर यूपी सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है.

उत्तराखंड: राहुल गांधी का PA बन महिला से 25 लाख की ठगी, देहरादून से पकड़ा गया शातिर ठग