यूपी चुनाव: सिकंदराबाद सीट पर सपा-बीजेपी की रहेगी टक्कर, जानें इस विधानसभा का पूरा समीकरण
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) का गठबंधन था, जिसके तहत सपा ने 7 में से 3 विधानसभा सीटें आरएलडी के कोटे में दी थी.

गंगा और यमुना के बीच बसा बुलंदशहर, दिल्ली से नजदीक और लखनऊ की सत्ता का चाभी कहा जाता है. बुलंदशहर का प्राचीन नाम बरन था. खेती किसानी यहाँ की मुख्य पहचान है. बुलंदशहर एक कृषि प्रधान ज़िला है. किसान अधिकतर गेहूँ, चना, मक्का, जौ, ज्वार, बाजरा, कपास और गन्ने की खेती करते हैं.
बुलंदशहर जिले की सिकंदराबाद और खुर्जा (सु) विधानसभा सीट गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट का हिस्सा हैं. बाकी 5 विधानसभा सीट बुलंदशहर लोकसभा क्षेत्र में ही आती हैं. यहां हम बात करेंगे जिले की सिकंदराबाद विधानसभा सीट के बारे में.
साल 2022 विधानसभा चुनाव में बुलंदशहर की सभी 7 विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी. पूरे जिले को बीजेपी ने जीत लिया था. 2022 विधानसभा चुनाव में सपा और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) का गठबंधन था, जिसके तहत सपा ने 7 में से 3 विधानसभा सीटें आरएलडी के कोटे में दी थी. 1 विधानसभा सीट सपा ने एनसीपी को दी थी और 3 विधानसभा सीटों पर सपा लड़ी थी. लेकिन इस गठबंधन के बावजूद सपा और आरएलडी बुलंदशहर में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाए. बुलंदशहर जिले में लोधी, जाट, मुस्लिम और एससी मतदाता अच्छी खासी संख्या में हैं. कई विधानसभा सीटों पर ठाकुर और ब्राह्मण मतदाता भी बहुत प्रभावी हैं.
जानें सिकंदराबाद विधानसभा सीटा का पूरा समीकरण
सिकंदराबाद सीट की विधानसभा संख्या 64 है. सिकंदराबाद विधानसभा सीट बुलंदशहर ज़िले और गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट का हिस्सा है. सिकंदराबाद विधानसभा सीट दिल्ली के बेहद करीब है.
सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी आखिरी बार 1985 में विधानसभा चुनाव जीती थी. 1993 में बीजेपी ने पहली बार सिकंदराबाद विधानसभा सीट जीती. 1993 के बाद बीजेपी 2012 में सिकंदराबाद विधानसभा सीट जीत पाई. 2017 और 2022 में सिकंदराबाद में बीजेपी का ही विधायक बना. सिकंदराबाद सीट पर समाजवादी पार्टी पहली और आखिरी बार 1996 में जीती थी और सपा से नरेन्द्र भाटी विधायक बने थे. 2002 और 2007 के विधानसभा चुनाव में सिकंदराबाद सीट पर बसपा प्रत्याशी वेदराम भाटी चुनाव जीते. 2022 में बीजेपी की लक्ष्मी राज सिंह विधायक बनीं.
2026 में एसआईआर के बाद सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर 3,56,849 मतदाता बचे हैं. 2024 लोकसभा चुनाव के समय सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर 4,01,027 मतदाता थे. एसआईआर के बाद 44,178 मतदाता घटे हैं. 2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी से लक्ष्मीराज सिंह विधायक बने. समाजवादी पार्टी ने राहुल यादव को टिकट दिया. बीएसपी ने मनवीर सिंह और कांग्रेस ने सलीम अख़्तर खान को प्रत्याशी बनाया.
2022 विधानसभा चुनाव में सिकंदराबाद विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-
1. बीजेपी- 1,25,644
2. सपा- 96,301
3. बसपा- 42,634
4. कांग्रेस- 2,281
2022 विधानसभा चुनाव में सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की. बीजेपी के लक्ष्मीराज सिंह ने सपा के राहुल यादव को लगभग 29 हजार वोटों से चुनाव हरा दिया. बीजेपी को 46 प्रतिशत और सपा को 35.26 फीसदी वोट मिले. दोनों दलों के बीच लगभग 11 प्रतिशत वोटों का अंतर रहा. बसपा को 40 हजार से ज़्यादा वोट मिल गए. कांग्रेस पार्टी 2,281 वोट लेकर यूपी की राजनीति का किंगमेकर बनने का ख़्वाब देख रही है.
2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को ठाकुर, ब्राह्मण, वैश्य समेत सामान्य वर्ग का पूरा वोट मिला. बीजेपी को जाट-गुर्जर समेत गैर यादव ओबीसी का भी सारा वोट सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर हासिल हो गया. बीजेपी के साथ बसपा के काडर वाले एससी वोट के अलावा सारा एससी वोट भी गया.
2022 विधानसभा चुनाव में सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर सपा को यादव-मुस्लिम वोट एक साथ मिले. सपा को लगभग 8 हजार वोट अन्य जातियों के भी मिले, जिसमें कुछ कुछ अति पिछड़ी और कुछ एससी का वोट शामिल बताया जा रहा है. सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर आरएलडी से गठबंधन के बावजूद भी सपा को जाट वोट नहीं मिले.
2022 विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी को एससी समाज का पूरा वोट मिल गया, इसके अलावा सामान्य वर्ग में क्षत्रिय समाज का बहुत थोड़ा सा वोट बसपा ने लिया. 2022 विधानसभा चुनाव के बाद अब बात करते हैं, 2024 लोकसभा चुनाव में सिकंदराबाद विधानसभा सीट के समीकरण के बारे में. सिकंदराबाद विधानसभा सीट गौतम बुद्ध नगर संसदीय क्षेत्र में आता है. बीजेपी ने महेश शर्मा और सपा ने महेन्द्र नागर और बसपा ने राजेन्द्र सोलंकी को टिकट दिया था.
2024 लोकसभा चुनाव सिकंदराबाद विधानसभा सीट के नतीजे-
1. बीजेपी- 1,05,966
2. सपा- 77,795
3. बसपा- 55,702
2024 लोकसभा चुनाव में सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर बीजेपी के डॉ महेश शर्मा चुनाव जीते. बीजेपी ने सपा के महेन्द्र नागर को लगभग 28 हजार वोटों से हरा दिया. बसपा प्रत्याशी को 55 हजार से ज़्यादा वोट मिल गए. 2024 लोकसभा चुनाव में 2022 की अपेक्षा वोट प्रतिशत कम रहा है. इसीलिए बीजेपी और सपा दोनों के वोट कम हुए हैं. बसपा के वोट बढ़ें हैं, क्योंकि बसपा को क्षत्रिय समाज का भी वोट मिला.
2024 लोकसभा चुनाव में सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर ठाकुर समाज के वोट बीजेपी से कटे. लगभग 25 फीसदी ठाकुर वोट बीजेपी से हटकर बसपा की तरफ गए. इसके अलावा बीजेपी को सामान्य वर्ग का पूरा वोट मिला. गुर्जर समाज का भी 80 फीसदी वोट बीजेपी के साथ गया. बीजेपी को जाट समाज का पूरा वोट मिला. एससी समाज का भी कुछ वोट बीजेपी के ही साथ गया.
2024 लोकसभा चुनाव में सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर सपा को यादव और मुस्लिम वोट मिले. हालांकि 5-6 हजार मुस्लिम वोट बसपा भी पर गए. सपा को महज़ 20 प्रतिशत गुर्जर वोट सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर मिले. वहीं बसपा को अपने मूल काडर वाला एससी वोट पूरा मिला और लगभग 25 फीसदी क्षत्रिय वोट भी बसपा के साथ गया. 2027 विधानसभा चुनाव में सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर कांटे की लड़ाई की संभावना दिख रही है.
सिकंदराबाद विधानसभा सीट के जातीय समीकरण (अनुमानित)-
1. मुस्लिम- 90 हजार
2. ठाकुर- 60 हजार
3. एससी- 55 हजार
4. जाट- 35 हजार
5. यादव- 31 हजार
6. गुर्जर- 28 हजार
8. ब्राह्मण- 24 हजार
9. वैश्य- 14 हजार
10. प्रजापति- 8 हजार
11. सैनी- 5 हजार
12. लोधी- 5 हजार
13. कश्यप- 5 हजार
14. पाल- 3 हजार
सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाता सबसे ज़्यादा हैं. दूसरे नंबर पर ठाकुर मतदाता आते हैं और तीसरे नंबर पर एससी समाज का वोट है. जाट और यादव मतदाता भी निर्णायक भूमिका में हैं. गुर्जर और ब्राह्मण समाज का वोट बैंक भी अच्छा खासा है. अति पिछड़ी जातियों का भी वोट लगभग 25 हजार के आसपास है. सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर ठाकुर, जाट, गुर्जर और ब्राह्मण मतदाता हार जीत तय करते हैं.





















