उत्तर प्रदेश रेरा ने प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए 6 जिलों में लगभग 2009 करोड़ रुपये के निवेश वाली 9 नई परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है. इन परियोजनाओं में फ्लैट, प्लॉट और विला शामिल हैं. सबसे ज्यादा परियोजनाएँ नोएडा जिले में स्वीकृत हुई हैं, क्योंकि यह क्षेत्र एनसीआर के नजदीक होने के कारण निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है. रियल एस्टेट विकास का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे इस क्षेत्र में इन परियोजनाओं की मंजूरी से विकास को और तेज रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

Continues below advertisement

वहीं इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज, चंदौली और अलीगढ़ जिलों को भी इन परियोजनाओं में शामिल किया गया है. इन स्वीकृतियों को लेकर यूपी रेरा की 189वीं बोर्ड बैठक का आयोजन मुख्यालय में किया गया, जिसकी अध्यक्षता रेरा चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने की. इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहां सभी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा के बाद इन जिलों को मंजूरी प्रदान की गई.

राज्य सरकार की नीतियाँ बनीं रियल एस्टेट निवेश का मजबूत आधार

गौरतलब है कि रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बताया कि आज उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट निवेश का केंद्र बन चुका है. इसका मुख्य कारण है राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियाँ, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, मजबूत कानून-व्यवस्था और तीव्र कनेक्टिविटी.

Continues below advertisement

बात दें कि विशेष रूप से नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनते जा रहे हैं. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं ने इसे देश के सबसे तेजी से उभरते रियल एस्टेट बाजारों में शामिल कर दिया है.

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद

इन परियोजनाओं में प्रस्तावित 2009 करोड़ रुपये के निवेश से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. संजय भूसरेड्डी ने बताया कि राज्य की GDP में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी. हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे और कई सहायक उद्योगों को बड़ा फायदा मिलेगा. जैसे कि सीमेंट, स्टील, पेंट, टाइल,फर्नीचर, विद्युत उपकरण परिवहन, बीमा और वित्तीय सेवाएं, इन परियोजनाओं से न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को गति मिलेगी बल्कि प्रदेश की समग्र आर्थिक गतिविधियाँ भी तेज होंगी.