उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट लगाने वाले उपभोक्ताओं की मुसीबत बढ़ गयी है. दरअसल 13 मार्च को प्रीपेड मोड लागू होने से लाखों मीटरों का बैलेंस निगेटिव हो गया. जिसके बाद अब कनेक्शन ऑटोमैटिक कट रहे हैं. वर्तमान में करीब 70 लाख से अधिक प्रीपेड मीटर हैं. इसमें अब 50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का निगेटिव बैलेंस है.

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इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. इसमें बकाया समायोजन का फार्मूला तय किया गया है. इसमें पुराने बकाये में पैसा नहीं कटेगा जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.

इस तरह तय होगा फार्मूला

समायोजन के तहत उपभोक्ताओं हर रिचार्ज में 10% बकाया समायोजित होगा. जैसे किसी उपभोक्ता का बिल 5 हजार रुपए, दो महीने का 10 हजार, इसमें से 5 हजार का रिचार्ज करने पर चार हजार मीटर में बाकी एक हजार बकाया में कटेगा. अगर राशि 10 से 15 हजार क बीच में है तो 15 फीसदी राशि समायोजित होगी. इसी प्रकार 15 से 20 हजार पर 25 फीसदी समायोजित होगा.

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इसमें राहत अब यही है कि एकमुश्त बकाया नहीं कटेगा, बलिक हर रिचार्ज में समायोजित होता रहेगा. इससे उपभोक्तओं को राहत मिलेगी.साथ ही उपभोक्ता पर अतिरिक्त बोझ भी न पड़े. अगर दिक्कत होगी तो स्थानीय स्तर पर भी अधिकारी उपलब्ध हैं.

निगेटिव बैलेंस पर कनेक्शन नहीं कटेगा

अब निगेटिव बैलेंस यदि है तो 50 फीसदी भुगतान पर तीन दिन में कनेक्शन जुड़ जाएगा. यह सुविधा उपभोक्ताओं को एक बार ही मिलेगी. इसके साथ ही तीन दिनों में पूरा रिचार्ज या पॉजिटिव बैलेंस न होने पर कनेक्शन दोबारा कट जाएगा.

इस सम्बन्ध में रविवार को यूपीपीसीएल ने आदेश में स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं की स्थिति देखते हुए यह सुविधा दी गयी है. उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यदि रिचार्ज के बाद भी कनेक्शन न जुड़ने पर ग्राहकों को 50 रुपए प्रतिदिन मुआवजा मिलना चाहिए. भुगतान के दो घंटे के भीतर कनेक्शन जुड़ना चाहिए. इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी.