उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग में भी अब डिजिटलीकरण होगा. बिजली कंपनियों के वितरण व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखना होगा. इसको लेकर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने निर्देश जारी किया है. इसके तहत कितनी बिजली का उत्पादन हुआ है, कितनी आपूर्ति हुई, सरकारी सहायता क्या मिली और अलग-अलग मदों में होने वाले खर्च से जुड़े डाटा को ऑनलाइन उपलब्ध करवाना होगा. इससे बिजली की बर्बादी और वितरण में होने वाले नुकसान पर नियंत्रण के साथ कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने का रास्ता भी साफ होगा.

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राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली व्यवस्था के डिजिटलीकरण का उद्देश्य केवल स्मार्ट मीटर लगाना और बिलिंग को ऑनलाइन करना नहीं होना चाहिए. इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उपभोक्ताओं को सही बिल मिले, शिकायतों का समय पर निस्तारण हो और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार आए. उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के साथ आंकड़ों की सुरक्षा, गलत बिलिंग पर रोक और बिजली कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है. एकीकृत ढांचे को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सकता है.

दीपावली पर गांवों में भी 24 घंटे बिजली देने की तैयारी

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दीपावली और छठ जैसे त्योहारों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. 20 अक्तूबर को दशहरा के अवसर पर गांवों में भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं. पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने कहा कि गांवों से लेकर शहरों, नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए विभागीय टीमें सक्रिय रहेंगी. पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और दक्षिणांचल समेत सभी बिजली वितरण कंपनियों के क्षेत्रों में नियमित रखरखाव का काम कराया जा रहा है.

त्योहारों के दौरान बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या कम करने के लिए विद्युत लाइनों के संपर्क में आ रहे पेड़ों की शाखाओं की कटाई-छंटाई की जा रही है. स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी भी की जा रही है, ताकि लोगों को त्योहार के दौरान बिजली संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े.