'मृतकों के लिए हवन का आयोजन करना था', महाकुंभ को लेकर सपा नेता ने औरंगजेब का किया जिक्र
UP News: महाकुंभ आयोजन को लेकर सपा नेता अमीक जामेई ने कहा कि, इस आयोजन के दौरान 60 करोड़ लोगों में से 50 करोड़ लोगों को कोई सुविधा नहीं मिली. कहा कि- कुंभ में 500 का पानी मिल रहा था और 100 का समोसा.

UP Politics: प्रयागराज में 13 जनवरी से आयोजित महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को हो गया है, लेकिन प्रदेश में महाकुंभ पर सियासत अभी भी जारी है. सपा नेता अमीक जामेई ने महाकुंभ आयोजन को लेकर प्रदेश की योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है. अमीक जामेई ने कहा कि, "आज इन्हें जश्न नहीं मनाना चाहिए था. आज इन्हें उन लोगों के लिए हवन का आयोजन करना चाहिए था, जो लोग सरकार की गलतियों के कारण भगदड़ में नहीं रहे. भाजपा ने कहा कि उन्हें मोक्ष प्राप्त हो गया है.
सपा नेता ने आगे कहा है कि, कुंभ में पानी 500 का मिल रहा था, समोसा 100 का मिल रहा था ये चोरी - डकैती नहीं तो और क्या थी. मुख्यमंत्री जी भगदड़ की बात नकार रहे हैं. अगर ऐसा है तो ये किलो किलो चप्पल क्यों मिल रहे हैं. क्या इन चप्पलों को भाजपा कार्यालय में सजा दिया जाए. सपा नेता ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार को एक राष्ट्रीय स्मारक बनवाना चाहिए, उसमें मरने वाले का नाम, पता, राज्य, फोटो लगवाइए और जिनके नाम और फोटो नहीं मिले वहां उन चप्पलों को फ्रेम करा कर रखवा लें.
सपा नेता ने कहा- महाकुंभ में नहीं थी कोई व्यवस्था
सपा नेता ने कहा कि, महाकुंभ राजा हर्षवर्धन के जमाने में भी होता था, औरंगजेब भी महाकुंभ करवाता था, ब्रिटिश सरकार भी महाकुंभ करवाती थी, आजादी के बाद जो सरकारें प्रदेश में रही उन्होंने महाकुंभ का आयोजन करवाया, लेकिन हिन्दुत्व का ठेकेदार बनने वाले लोगों ने 7000 हजार करोड़ रुपए खर्च किए, वो पैसा गया कहां, सरकार के कितने करीबी ठेकेदारों में ये पैसा बंटा है? क्योंकि वहां कोई सुविधा तो थी नहीं. सपा नेता ने दावा किया कि 60 करोड़ लोगों में से 50 करोड़ लोगों को कोई सुविधा नहीं मिली. सारी पुलिस फोर्स वीवीआईपी के लिए थी, अमीर लोगों के लिए थी.
ये भी पढ़ें: इंतजार खत्म! वाराणसी में विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती होगी भव्य रूप में संपन्न, वॉलंटियर भी बढ़े
Source: IOCL





















