समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राज कुमार भाटी इन दिनों चर्चा में हैं. अपने बयानों को लेकर वह न सिर्फ विपक्षियों के निशाने पर हैं बल्कि पार्टी के भीतर भी उन पर सवाल उठ रहे हैं. इस बीच सपा चीफ अखिलेश यादव के चाचा प्रोफेसर और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने अल्टीमेटम दिया था. अब उस अल्टीमेटम पर राजकुमार भाटी ने प्रतिक्रिया दी है. उनकी इस प्रतिक्रिया में उन लोगों के लिए नसीहत है जो भाटी की ओर से सपा और उसके हाईकमान पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
भाटी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- समाजवादी पार्टी मेरे लिए केवल पार्टी नहीं, परिवार की तरह है. पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है. सबसे बड़ी बात पहचान दी है. यदि आज देश में मुझे पहचाना जा रहा है तो सिर्फ पार्टी की वजह से. मैं पार्टी का समर्पित और अनुशासित कार्यकर्ता हूं.
'स्नेह एवं आशीर्वाद सदैव ही मुझे मिलता रहा'
उन्होंने लिखा कि जिस तरह बच्चों की किसी गलती पर घर के बड़े उसे टोकते हैं और समझाते हैं इसी तरह पार्टी में भी बड़ों को पूरा हक है कि वह छोटों को नियंत्रित रखें . जरूरत पड़ने पर सलाह दें और आवश्यक समझे तो डांट भी लगाएं . प्रोफेसर रामगोपाल यादव हर दृष्टिकोण से मेरे बड़े हैं और मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हूं . उन्होंने जो शब्द बोले वह मेरे और पार्टी के हित में ही बोले हैं . कुछ साथी उनकी आलोचना कर रहे हैं और कटाक्ष कर रहे हैं उनसे मेरा विनम्र अनुरोध है कि वे ध्यान रखें कि बड़ों के सम्मान में कभी कमी नहीं आनी चाहिए .
भाटी ने लिखा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव , प्रोफेसर साहब, चाचा शिवपाल और गुरुजी उदय प्रताप सिंह का स्नेह एवं आशीर्वाद सदैव ही मुझे मिलता रहा है . कृपया कोई ऐसी बातें सोशल मीडिया पर ना लिखें या ना बोलें जिससे लोगों के बीच गलतफहमी पैदा हो . बुरे वक्त में जिन लोगों का प्यार, सहयोग और समर्थन मुझे प्राप्त होता रहा है उन सबका मैं अत्यंत आभारी हूं . धन्यवाद .
