उत्तर प्रदेश स्थित सुल्तानपुर में गौरीगंज सदर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक राकेश प्रताप सिंह ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच ब्राह्मण विधायकों की ‘सहभोज’ बैठक पर प्रतिक्रिया दी है. समाजवादी पार्टी के बागियों में से एक सिंह ने सपा चीफ अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि इस पर चर्चा की जरूरत नहीं है.

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गौरीगंज विधायक ने कहा कि 'अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तो कोई ब्राह्मण समुदाय का व्यक्ति उपमुख्यमंत्री नहीं था. आज ब्राह्मण समुदाय से उपमुख्यमंत्री हैं. आज इस सरकार में उत्तर प्रदेश के नागरिकों की चल रही है. परिवार के कुछ विधायकों ने यदि एक साथ बैठकर भोजन किया है तो उस पर चर्चा करने की कोई विशेष आवश्यकता नजर नहीं आती है.'

उधर,  ब्राह्मण विधायकों की मीटिंग पर कांग्रेस सांसद के.एल. शर्मा ने कहा, 'ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए. देश के विकास, रोज़गार और महंगाई पर चर्चा होनी चाहिए. हमें राज्य और देश के बारे में सोचना चाहिए.'

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सपा नेता नेता शिवपाल यादव ने कहा, BJP लोगों को जाति के आधार पर बांटती है. अगर ऐसी कोई मीटिंग हुई है, तो सभी को समाजवादी पार्टी में आना चाहिए, जहां उनका सम्मान होगा.

ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर क्या बोले पीएन पाठक?

बता दें यूपी के 40 से अधिक विधायक और विधान परिषद् सदस्यों ने कुशीनगर से विधायक पीएन पाठक के आवास पर हुई बैठक के संदर्भ में दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर तैयारी चल रही है. वहीं बैठकी के अगुवा पीएन पाठक ने कहा कि इस बैठक में कोई सियासी चर्चा नहीं हुई है. इस बैठक में सिर्फ एसआईआर और परिवारिक चर्चाएं हुईं हैं.

उन्होंने कहा कि इसका सियासत से कोई वास्ता नहीं है. यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार या सरकार में अधिकारियों से कोई नाराजगी है, पाठक  ने कहा कि न तो योगी जैसा कोई सीएम हुआ, न होगा. हमको किसी से कोई दिक्कत नहीं है.