UP Politics: उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता इमरान मसूद ने बीते दिनों समाजवादी पार्टी से सीटों की भीख नहीं मांगेंगे. अब उनके इस बयान पर सपा चीफ अखिलेश यादव के करीबी मनीष जगन ने बड़ा दावा किया है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर जगन ने दावा किया कि चूंकि 10 साल पुराने मामले में मसूद की सांसदी जा सकती है , इसलिए वह भारतीय जनता पार्टी के कहने पर ऐसे बायन दे रहे हैं. 

जगन ने लिखा कि़ दरअसल इमरान मसूद बीजेपी के इशारे पर ये बयानबाजी कर रहे हैं क्योंकि 2014 के चुनाव में बीजेपी के खिलाफ बोटी बोटी बयान पर इनके खिलाफ फैसला आने वाला है और इनकी लोकसभा सदस्यता जा सकती है.

'अब ऐसा नहीं होगा...'उन्होंने लिखा कि इमरान मसूद अपनी लोकसभा की सदस्यता बचाने के लिये ही बीजेपी के साथ अंदरखाने मिलीभगत करके सपा कांग्रेस गठबंधन को तोड़ना चाहते हैं जबकि अब ऐसा नहीं होगा. 

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सपा नेता ने और क्या लिखा?सपा नेता ने लिखा कि सपा और कांग्रेस का गठबंधन पूरी तरह से इंटैक्ट है और ये किसी इमरान मसूद टाइप जनाधारविहीन और दलबदलू एवं मौकापरस्त व्यक्तियों के कोशिश करने के बावजूद भी टूटने वाला नहीं.हम 2027 में बीजेपी को हराएंगे और यूपी में इंडिया गठबंधन वाली मजबूत पीडीए सरकार बनाएंगे.

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा था कि सपा में चुप रहने वाला और दरी बिछाने वाला मुस्लिम नेता चाहिए. उन्हें बोलने वाला मुसलमान नेता नहीं चाहिए. इमरान मसूद के इस बयान ने समाजवादी पार्टी के अंदर बेचैनी बढ़ा दी है. उन्होंने आजम खान की स्थिति पर अखिलेश यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं.  उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस को किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है. 80 बनाम 17 का फार्मूला अब नहीं चलेगा.