पूर्वांचल में सपा ने खोज ली ओपी राजभर की काट! अखिलेश यादव ने इस महिला नेता को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
UP Politics: यूपी में वर्ष 2027 के चुनाव के पहले सपा ने पूर्वांचल में ओपी राजभर की काट खोज ली है. सपा ने सीमा राजभर को महिला सभा का अध्यक्ष चुना है.

समाजवादी पार्टी की महिला सभा में बड़ा बदलाव किया गया है. अब महिला सभा की अध्यक्ष जूही सिंह नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश स्थित बलिया की निवासी सीमा राजभर उर्फ भावना होंगी. इस फैसले का ऐलान खुद जूही सिंह ने किया.
सपा द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया कि सीमा राजभर उर्फ भावना को समाजवादी पार्टी के महिला सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नामित किया जाता है.
सपा चीफ अखिलेश यादव ने 21 अप्रैल 2026, मंगलवार को कहा कि हम जूही सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपेंगे. बता दें जूही सिंह साल 2023 से सपा की महिला विंग की अध्यक्ष थीं. वर्ष 2013 के उप चुनाव में सपा ने उन्हें लखनऊ पूर्व सीट से उम्मीदवार भी बनाया था.
सीमा राजभर के मनोयन पर जूही सिंह ने कहा कि समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर को हार्दिक शुभकानाएं. हम सबको विश्वास है अखिलेश यादव के नेतृत्व में हम 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनायेंगे.
अखिलेश के इस फैसले के पीछे माना जा रहा है कि इसके जरिए सपा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर की काट खोज ली है. सीमा, सुभासपा में भी रह चुकीं हैं. कई मौकों पर उन्होंने राजभर और उनकी पार्टी पर गंभीर आरोप भी लगाए थे.
ओपी राजभर ने छोड़ दिया था सपा का साथ
वर्ष 2022 के चुनाव में सपा के साथ चुनाव लड़ने वाले राजभर ने बाद में सियासी रिश्ता तोड़ दिया और वह भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में चले गए. जहां वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले उन्हें योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था.
जहूराबाद से विधायक राजभर का दावा है कि वर्ष 2022 के चुनावों में सपा ने पूर्वांचल में जो बेहतर प्रदर्शन किया, वह उनके साथ होने की वजह से था. हालांकि सपा, राजभर के इन दावों से इनकार करती है. सपा का तर्क है कि यदि राजभर सियासी तौर पर इतने ताकतवर हैं तो 2024 के चुनाव में उन्होंने बीजेपी को इसका लाभ क्यों नहीं पहुंचाया.
बता दें सपा की कोशिश है कि वर्ष 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में जो लाभ पूर्वांचल में हुआ वह 2027 में भी जारी रहे.
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Source: IOCL


























