बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी रहे और जनता दल यूनाइटेड से राज्यसभा सदस्य रहे केसी त्यागी, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की मौजूदगी में पार्टी में शआमिल हुए. इस दौरान केसी त्यागी के समर्थकों के साथ-साथ उनके बेटे अमरीश त्यागी भी पार्टी में शामिल हुए. अमरीश के ज्वाइन होने के बाद गाजियाबाद के राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है किचूंकि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल का गठबंधन है तो क्या अमरीश गाजियाबाद से 2027 में विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे?

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इन्हीं सवालों और चर्चाओं के संदर्भ में अमरीश त्यागी ने बताया की राष्ट्रीय लोकदल या जयंत चौधरी जो भी जिम्मेदारी उनको देंगे वह उसको बखूबी निर्वहन करने की पुरजोर कोशिश करेंगे. एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में अमरीश त्यागी 2027 में विधानसभा चुनाव लड़ने को न तो हां कर रहे हैं और न ही ना. राजनीति में बहुत सारी बातें सीधे नहीं कही जाती बल्कि उनके मतलब को समझा जाता है. जानकारों का मानना है कि वर्ष 2027 में अगर गठबंधन बरकरार रहता है तो गाजियाबाद की 5 विधानसभा सीटों में से दो सीट लोनी विधानसभा और मुरादनगर विधानसभा पर राष्ट्रीय लोक दल अपना दावा ठोंक सकता है. 

2027 में केसी त्यागी का ये दाव सही पड़ता है या नहीं?

मुरादनगर विधानसभा पर लगातार त्यागी बिरादरी के नेताओं का कब्जा रहा है. फिलहाल भी यहां से भारतीय जनता पार्टी के अजीत पाल त्यागी विधायक हैं. हालांकि अपनी बात में अमरीश यह भी जोड़ते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर राष्ट्रीय लोक दल भारतीय जनता पार्टी के साथ चुनाव लड़ सकता है. गाजियाबाद और पश्चिम उत्तर प्रदेश में यह चर्चा अब तेज है कि केसी त्यागी ने राष्ट्रीय लोक दल अपने बेटे अमरीश त्यागी की राजनीति आगे बढ़ाने के लिए ज्वाइन किया है. अब यह देखना होगा की 2027 में केसी त्यागी का ये दाव सही पड़ता है या नहीं.

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बता दें देहरादून से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद अमरीश त्यागी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया उसके बाद बेंगलुरु से पीचडी की डिग्री ली.अमरीश त्यागी उस समय चर्चा में आए जब वह प्रशांत किशोर की टीम से जुड़े.उस दौरान बिहार में कोई यह संभावना नहीं जाता रहा था कि जदयू सरकार बनाएगी लेकिन उसके बावजूद प्रशांत किशोर की रणनीति के चलते जदयू बिहार में सरकार बनाने में कामयाब हुई और उसमें अमरीश का भी नाम आया.

इसके बाद अमरीश, भारतीय जनता पार्टी में भी शामिल हुए और जम्मू कश्मीर और लद्दाख में रहकर भी काम किया था. केसी त्यागी को पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति का चाणक्य कहा जाता है. उनके समर्थक उन्हें इसी नाम से पुकारते हैं. केसी त्यागी का एक लंबा राजनीतिक सफर रहा है. वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक और यूपी के भूतपूर्व सीएम दिवंगत मुलायम सिंह के बेहद करीबी रहे थे.