मायावती के घर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को लगा झटका, उधर, BSP ने बंद किए दरवाजे, इधर पार्टी ने दिया नोटिस
UP Politics: बसपा चीफ मायावती के घर पहुंचे कांग्रेस के नेताओं को जोर का झटका लगा है. एक जहां बसपा चीफ के घर के दरवाजे उनके लिए नहीं खुले वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी नोटिस जारी कर दिया है.

उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कई दलित नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल की बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के लखनऊ स्थित आवास पर बिना किसी तय कार्यक्रम और बिना अनुमति के की गई यात्रा ने उन्हें काफी विवादों में डाल दिया है. पार्टी ने स्पष्टीकरण मांगते हुए उन्हें एक नोटिस भी जारी किया गया है. कांग्रेस नेतृत्व के लिए शायद इससे भी ज़्यादा शर्मिंदगी की बात यह थी कि यह यात्रा ठीक उसी समय हुई जब पार्टी नेता राहुल गांधी रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर थे, लेकिन यह यात्रा सफल नहीं हो पाई, क्योंकि प्रतिनिधिमंडल मायावती से मिल ही नहीं सका.
यही नहीं, मंगलवार शाम यह दौरा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के उस संकेत के कुछ ही घंटों बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2027 के UP चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन जारी रहेगा.
कांग्रेस सांसद ने क्या कहा?
कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और विभाग के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष व सांसद तनुज पुनिया उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने BSP प्रमुख के आवास का दौरा किया. बुधवार को पुनिया ने बताया कि यह दौरा एक सद्भावनापूर्ण कदम था.
पुनिया ने स्वीकार किया कि प्रतिनिधिमंडल BSP प्रमुख से मिल नहीं पाया, लेकिन उन्होंने कहा, 'मंगलवार शाम को लखनऊ में राजेंद्र पाल के नेतृत्व में पार्टी के SC विंग की एक बैठक हुई थी. चूंकि हमारा पार्टी कार्यालय BSP प्रमुख के आवास के पास ही है, इसलिए बैठक के बाद जब हम मायावती के आवास के पास से गुज़र रहे थे, तो हमने अचानक उनसे शिष्टाचार भेंट करने का विचार किया; खासकर इसलिए भी क्योंकि वह भी हमारे ही समुदाय से आती हैं और एक वरिष्ठ नेता हैं.'
हालांकि, पुनिया ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि दलित नेताओं ने राहुल गांधी का कोई संदेश पहुंचाने के लिए मायावती से संपर्क किया था. पुनिया ने कहा, 'यह बात सही नहीं है. मैं इस समय राहुल गांधी के कार्यक्रम के सिलसिले में रायबरेली में ही मौजूद हूं.'
कांग्रेस ने जारी किया नोटिस
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने बताया कि पार्टी ने इस दौरे का संज्ञान लिया है. पांडे ने कहा, 'यह पार्टी की ओर से भेजा गया कोई अधिकृत प्रतिनिधिमंडल नहीं था. पार्टी ने इस मामले का संज्ञान लिया है और वहां जाने वाले नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं.'
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि कांग्रेस मायावती का बहुत सम्मान करती है, लेकिन उनके आवास पर जाने वाले नेताओं ने यह यात्रा अपनी व्यक्तिगत हैसियत से की थी, न कि पार्टी की ओर से.
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी कहा कि पार्टी ने इस यात्रा के लिए कोई अनुमति नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि ऐसी मुलाक़ातें पहले से तय होती हैं और शीर्ष नेतृत्व से काफ़ी पहले ही मंजूरी मिल जाती है.
क्या बोले बीएसपी चीफ?
BSP के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि उन्हें इस मुलाक़ात के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया, 'मुझे नहीं पता कि बहन जी से मिलने कौन गया था. मुझे ऐसी किसी मुलाक़ात के बारे में कोई जानकारी नहीं है.' अखिलेश यादव ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी के सहयोगियों के साथ गठबंधन भविष्य के चुनावों में भी जारी रहेगा और कहा कि ध्यान जीत पर रहेगा, सीटों पर नहीं. यादव ने कहा था कि समाजवादी पार्टी को गठबंधन संभालने का काफी अनुभव है और उसने हमेशा अपने सहयोगियों के फायदे सुनिश्चित किए हैं. गठबंधन में सीटों का कोई सवाल ही नहीं होगा. उन्होंने कहा, 'लोकसभा चुनावों के दौरान भी मैंने कहा था कि मुद्दा सीटों का नहीं, जीत का है. वही फ़ॉर्मूला फिर से काम करेगा.'























