'सामान्य कर्मचारियों को...' CEO पर राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बीच अखिलेश यादव का बड़ा बयान
Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने Ram Mandir में पहले CEO की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया दी है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ के नाम के ऐलान की संभावनाओं के बीच बड़ा बयान दिया है. उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुर पहुंचे अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत में सीईओ और नए सदस्यों की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया दी.
यूपी के पूर्व सीएम की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अयोध्या स्थित मणिरामदास की छावनी में श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक चल रही है.
कन्नौज सांसद ने नए सीईओ की नियुक्ति पर कहा कि नई चीज होने से क्या पुरानी चीज भूल जाएंगे? चढ़ावे के साथ जो चोरी हुई, आपने सामान्य कर्मचारियों को जेल भेज दिया.आपने सामान्य कर्मचारियों को जेल भेज दिया. सेवा करने वालो को जेल क्यों भेजा? हमें ऐसा भरोसा है की भविष्य में राम धन पर डैकेती नहीं होगी. जितना पैसा खर्च हुआ अयोध्या में, उसके हिसाब से अयोध्या में निर्माण वर्ल्ड क्लास होना चाहिए था.
सपा चीफ ने कहा कि अयोध्या को विश्व-स्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए था लेकिन उनके (बीजेपी) मन में इतना लालच था कि ज़मीन का घोटाला करना है गरीबों को उनका मुआवजा न देना.
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इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 में हमारी सरकार बनने जा रही है. रिजर्वेशन के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि आरक्षण था, है और रहेगा. बीजेपी जितना आरक्षण के पक्ष में बोलती है, उतना ही गैर पंजीकृत लोग उसके खिलाफ.
इससे पहले एक बयान में अखिलेश ने कहा कि आपको इस बात की भी चिंता होनी चाहिए कि जहाँ पहले बुखार 500 mg की दवा से ठीक हो जाता था, वहीं आज 650 mg लेनी पड़ती है; पहले हम पैरासिटामोल की 500 mg की गोली लेते थे, लेकिन अब डॉक्टर डोलो 650 mg देते हैं. और आपको शायद याद हो कि इस सरकार के कार्यकाल में ₹400 करोड़ की नकली दवाएं पकड़ी गई थीं, क्योंकि इस प्रशासन में भ्रष्टाचार एक संस्कृति बन गया है.























