ममता बनर्जी से मुलाकात से पहले यूपी की सियासत का पारा चढ़ा गए अखिलेश यादव, कहा- हम तो 2022 में ही...
Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साल 2022 में संपन्न हुए यूपी के विधानसभा चुनाव के परिणामों पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए कहा कि यह सवाल है कि भाजपा चुनाव जीतती है या उन्हें मैनेज करती है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कई बार चर्चा हुई और 2024 के चुनाव में उन्होंने 'करो या मरो' का नारा दिया था. अखिलेश ने साल 2022 के चुनाव परिणामों को लेकर भी सवाल उठाए.
लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश ने उन कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया जो रिजल्ट आने तक डटे रहे और कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मजबूती के चलते भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिल सका. उन्होंने उपचुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कई जगहों पर लोग रिवॉल्वर के सामने खड़े रहे और उन्होंने ऐसे परिवारों की मदद भी की.
इस्तीफा न देने पर अड़ीं ममता बनर्जी, केशव प्रसाद की दीदी को नसीहत- 'बस एक ही रास्ता बचा है...'
लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का हवाला देते हुए चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाए और कहा कि उत्तर प्रदेश में अयोध्या की हार भाजपा के लिए बड़ी थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उपचुनाव जीतने के लिए हर संभव कोशिश की गई, मिल्कीपुर में अधिकारियों की तैनाती की गई और कौस्तुभ सिंह जैसे अधिकारियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी जांच हुई थी.
अखिलेश ने आरोप लगाया कि अयोध्या जिताने के लिए केस खत्म करने का दबाव बनाया गया. साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता और ममता बनर्जी ने जो स्थिति फेस की, वैसा ही अनुभव वह 2022 में उत्तर प्रदेश में देख चुके हैं.
UP Election: '100 फीसदी PDA सरकार आएगी..', ओम प्रकाश राजभर के बयान से खलबली, अखिलेश यादव भी चौंके
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के सहयोगी दल भी एक बहुस्तरीय चुनावी माफिया का हिस्सा हैं और प्रवर्तन निदेशालय व केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है. उन्होंने कहा कि पीडीए के हर एक सिपाही को हटाने की कोशिश की गई, जबकि 2022 और 2024 के कुछ प्रत्याशी खुद बता रहे हैं कि वे बहुत कम वोटों से हारे. अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचकर उनके समर्थकों को मतदान प्रक्रिया से बाहर कर देती थीं, जिससे चुनाव प्रभावित हुआ.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























