उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी के लिए अच्छी ख़बर हैं. बिजली विभाग काम कर रहे आउटसोर्स के कर्मचारी अगर फिट रहते हैं तो वो 60 साल की उम्र तक काम कर सकेंगे. इसके लिए 55 साल की उम्र पूरी होने के बाद कर्मचारियों को फिटनेस सर्टिफिकेट लगाना होगा. 

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वहीं, पूर्व में हटाए गए कर्मचारियों के लिए भी राहत की बात है. बिजली विभाग की ओर से उन्हें भी वापस बुलाने पर विचार किया जा रहा है. लेकिन, इसके लिए उनका पिछला सेवा रिकॉर्ड बेदाग होना जरूरी है. पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधि संगठन के बीच हुई वार्ता में इन प्रस्तावों पर सहमति बन गई. 

फिटनेस के साथ देनी होगी सहमति

पावर कॉरपोरेशन ने साफ किया है कि आउटसोर्स कर्मचारी का स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस बेहतर रहने पर उसे 60 साल तक काम करने का अवसर मिल सकेगा. इसके लिए कर्मचारियों को 55 साल की उम्र पूरी होने के बाद एक फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा, जिसमें उनके स्वास्थ की जानकारी होगी. इसके साथ ही विभाग के द्वारा पहले हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों को भी दोबारा नौकरी पर रखने के लिए उनके पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. 

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विभाग ने कहा कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ काम में लापरवाही, उपभोक्ताओं से गलत व्यवहार, अनुशासनहीनता, बिजली चोरी या धन उगाही की शिकायत रही होगी, उनके मामले में दोबारा नियुक्ति पर विचार नहीं किया जाएगा. पुराने कर्मचारियों की वापसी के लिए पुराना रिकॉर्ड अच्छा होना जरूरी होगा. 

धरना-प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान

कर्मचारी संगठन ने प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन समाप्त करने और ऊर्जा निगम के कामकाज में सहयोग देने का आश्वासन दिया. संगठन ने राजस्व लक्ष्य हासिल करने, छह महीने में एटीएंडसी (बिजली वितरण से जुड़ी तकनीकी और वाणिज्यिक) हानियों में 10 प्रतिशत की कमी लाने, लाइन लॉस घटाने और थ्रू-रेट बढ़ाने में सहयोग का भरोसा दिया.