UP Nagar Nikay Chunav 2023: बस्ती नगर पालिका (Basti Municipality) में हो रहे निकाय चुनाव की लड़ाई बेहद दिलचस्प हो गई है, क्योंकि बीजेपी (BJP) के कैंडिडेट को बीजेपी के बागियों से भी लड़ना होगा. आज अचानक उस वक्त हड़कंप मच गया जब सांसद हरीश द्विवेदी के प्रतिनिधि रह चुके और बीजेपी के कद्दावर नेता आशीष शुक्ला टिकट ना मिलने के बाद निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने के लिए पहुंच गए. आशीष शुक्ला की पत्नी नेहा शुक्ला ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में नगर पालिका बस्ती सीट के लिए अपना पर्चा भर दिया है. इसके बाद यह माना जा रहा है कि बीजेपी और सपा का राजनीतिक समीकरण बिगड़ सकता है.

बीजेपी नेता की आंखों में आसू एबीपी गंगा से बात करते हुए बीजेपी के नेता आशीष शुक्ला ने बताया कि 18 साल तक उन्होंने पार्टी की सेवा की और जब वक्त आया कि पार्टी उन्हें सम्मान दे तो उन्हें दरकिनार कर दिया गया और दूसरे नेता को टिकट दे दिया गया, इस बात को कहते कहते बीजेपी के बागी नेता आशीष शुक्ला भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. आशीष शुक्ला ने कहा कि उनके आंसुओं की अहमियत जनता समझेगी और बीजेपी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

बीजेपी प्रत्याशी ने क्या कहावहीं नगर पालिका की बीजेपी प्रत्याशी सीमा खरे ने अपने पति के साथ नामांकन किया. भाजपा नेता अनूप खरे ने कहा कि जनता सीएम योगी के कामों पर वोट देगी. उन्होंने मूलभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने का वादा किया और कहा कि शहर की सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है और वे अध्यक्ष बनकर सीवर प्लांट पर सबसे पहले काम करेंगी. प्रत्याशी सीमा खरे ने कहा कि घर की गृहस्थी को तो वो अच्छे से संभाल रही हैं और नगर पालिका को भी अच्छे से चलाएंगी.

खेल बिगाड़ सकते हैं बागीवहीं बस्ती नगर पालिका की लड़ाई त्रिकोणीय हो सकती है. बीजेपी और सपा में तो टक्कर थी ही और अब बीजेपी के बागी भी दोनों उम्मीदवारों का खेल बिगाड़ सकते हैं. गौरतलब है कि एक ही जाति से सपा और बीजेपी के कैंडिडेट आमने सामने हैं. बीजेपी के बागी नेता ब्राह्मण हैं जो इस लड़ाई को दिलचस्प बना रहे हैं. बीजेपी ने सपा के कायस्थ कैंडिडेट के सामने एक कायस्थ उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारकर कार्ड खेला है. जनता के मन में क्या है यह तो मतगणना के दिन ही पता चल सकेगा.

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