मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए योग को जनआंदोलन बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत किया. प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ, सशक्त और जागरूक उत्तर प्रदेश का संदेश दिया.

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गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर नजर आए, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अधिकारियों और अभिभावकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया.

उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया योग दिवस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन, जनस्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं. इसी का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यापक जनसहभागिता का अभियान बन चुका है. इस वर्ष भी प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केंद्रों, जिला मुख्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में योग दिवस उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया.

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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश के नवीन परिसर में निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया. अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास करते हुए नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया.

इस अवसर पर एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है. यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का सशक्त साधन भी है. विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देकर हम बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं.

विशेष योग सत्र किए गए आयोजित 

प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया. लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, बस्ती, मेरठ, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित अनेक जनपदों में विद्यालयों, बीआरसी और जिला मुख्यालयों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए. शिक्षकों ने विद्यार्थियों को योग की उपयोगिता बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया.

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी समान रूप से आवश्यक है. यही कारण है कि विद्यालयों में योग, खेलकूद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुई अभूतपूर्व सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में योग अब केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का जनअभियान बन चुका है.

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