उत्तर प्रदेश में खाद की समस्या को हल करने के विभागीय दावे बड़े बड़े है लेकिन हकीकत राजधानी लखनऊ के दरियापुर गांव की इस तस्वीर से समझिए. यहां के चौराहे स्थित सेंटर पर खाद के लिए कतार लगी है. साथ ही जनता की शिकायत है कि खाद नहीं मिल रही. जब इस बारे में कोटेदार से बात की तो पता चला कि जरूरत 500 बोरी की थी और 150 बोरी ही मिली है, लिहाजा टोकन का सहारा ले रहे हैं.
आपको बताते चलें कि खाद की कतार में लगे लोग आधार कार्ड और खतौनी दिखाते हैं. इसके बाद अंगूठा लगाकर खाद प्राप्त करते हैं. परेशान जनता का आरोप है कि कोटेदार इसमें भी दिक्कत पैदा कर रहा है. किसी को ज्यादा और किसी को कम दे रहा है. इतना ही नहीं कई तो निराश बैठे हैं और मांग कर रहे हैं की खाद मिल जाये. जो युवा कभी परीक्षार्थी के तौर पर कतार में लगता था, वह आज खाद लेने पहुंचा है और सरकारी व्यवस्था को कोस रहा है.
खाद के लिए लग रही कतार
बताते चलें कि ऐसा किसी एक केंद्र पर नहीं है बल्कि लखनऊ के ज्यादातर केंद्रों पर खाद को लेकर ऐसी ही कतार देखने को मिल रही है. खाद की आवक के दावे कर अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. जनता सवाल पूछ रही है कि जिस चीज की जरूरत जितनी है अगर उतनी ही चाहिए तो कमी क्यों हो रही हैं. कहीं कालाबाजारी तो नहीं हो रही?
बस्ती के किसानों ने किया था प्रदर्शन
आपको बता दें कि, इससे पहले बस्ती में किसानों ने खाद की समस्या को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था. भारतीय किसान यूनियन बस्ती के जिलाध्यक्ष गौरी शंकर चौधरी के नेतृत्व में जिले सैकड़ों किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर ट्रैक्टरों के साथ पहुंचकर विरोध किया था. साथ ही प्रशासन की मिलीभगत से यूरिया की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया था.
खाद को लेकर सरकारी दावे हो रहे फेल
यूपी में खाद को लेकर काफी समस्या चल रही है. खाद की समस्या को लेकर हर दिन कहीं न कहीं से खबरें सामने आ रही हैं. सरकार का दावाा है कि प्रदेश में कहीं भी खाद-उर्वरकों की कमी नहीं है. सभी मंडलों में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता है. वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.