हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा से लैस होंगे यूपी के गांव, सीएम योगी ने की प्रोजेक्ट गंगा की शुरुआत
Lucknow News In Hindi: 'प्रोजेक्ट गंगा' के पहले चरण में 21 जनपदों का चयन किया गया है. इस सुविधा के बाद ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा पहुंचेगी और वह स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित होंगे.

अब यूपी के गांव का अंतिम छोर भी डिजिटल तकनीक से लैस होगा. इसके लिए सीएम ने आज प्रोजेक्ट गंगा की शुरुआत की. इसमें डिजिटल सशक्तिकरण की दृष्टि से 08 हजार डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाया जाएगा, इनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी. बता दें कि ब्रॉडबैण्ड आज की आवश्यकता है, इण्टरनेट की स्पीड जितनी तेज होगी, विकास की गति उतनी ही तेज होगी.
बता दें कि 'प्रोजेक्ट गंगा' के पहले चरण में प्रदेश के 21 जनपदों का चयन किया गया है. 75 जनपदों में शीघ्र ही इस सुविधा का आरंभ होगा. इस सुविधा के बाद ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा पहुंचेगी और वह स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो सकेंगे. 'प्रोजेक्ट गंगा' से गांव के लोगों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का एक प्लेटफॉर्म मिलेगा, यह देश में एक नया मॉडल बनेगा.
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ब्रॉडबैंड आज की आवश्यकता है- योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी शुरुआत के साथ ही कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इण्डिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाली एक अभिनव पहल है. ब्रॉडबैण्ड आज की आवश्यकता है. इण्टरनेट की स्पीड जितनी तेज होगी, विकास की गति भी उतनी ही तेज होगी. इससे लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन दिखाई देगा. मुख्यमंत्री आज यहां ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारम्भ करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे.
उन्होंने उत्तर प्रदेश में डिजिटल उद्यमिता के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए टीम यू0पी0, उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन तथा अशोक हिन्दुजा के नेतृत्व में हिन्दुजा ग्रुप का आभार व्यक्त किया. उन्होंने परियोजना के पहले चरण में लाभान्वित होने वाले जनपदां के निवासियों को बधाई दी. कार्यक्रम से एम0एस0एम0ई0 विभाग के फील्ड में तैनात अधिकारी वचुअर्ल माध्यम से जुड़े थे.
प्रधानमंत्री के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरका है प्रतिबद्ध- योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने पूर्व में कई चरणों में अनेक कार्य किये हैं. इनमें ई-ऑफिस की संकल्पना, लैण्ड रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन की कार्यवाही, प्रदेश में डिजिटल पेमेन्ट को आगे बढ़ाना तथा कोविड कालखण्ड में प्रत्येक गांव में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बी0सी0 सखी की सुविधा जैसे उदाहरण प्रमुख हैं.
इसी प्रकार 57,700 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय का निर्माण किया गया है. इनसे गांव की चुनी हुई सरकार द्वारा, गांव में ही, गांव की आवश्यकता को पूरा करने की कार्यवाही सफलतापूर्वक आगे बढ़ी है. यह सभी कार्य देश में मॉडल के रूप में प्रस्तुत हुए हैं.
'प्रोजेक्ट गंगा बनेगा डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाने का माध्यम'
मुख्यमंत्री बोले कि वर्ष 2026-27 के बजट में घोषणा की गयी थी कि डिजिटल सशक्तिकरण की दृष्टि से प्रदेश सरकार 08 हजार डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाया जाएगा, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी. ‘प्रोजेक्ट गंगा’ इसका माध्यम बनेगा. भारतीय परम्परा में माँ गंगा की पहचान की पहचान ‘गंगोत्री से गंगा सागर’ तक भारत की जीवनदायिनी नदी के रूप में है.
माँ गंगा ने उत्तर भारत को दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि दी है, जिससे भारत दुनिया का पेट भरने के लिए खाद्यान्न उत्पादित करता है. इस प्रकार माँ गंगा आत्मनिर्भर भारत व देश की एकात्मता का आधार हैं. भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था. यह माँ गंगा के आशीर्वाद से ही सम्भव हुआ था. ऐसे में माँ गंगा के नाम पर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत एक सुखद अनुभूति है.
हिन्दुजा ग्रुप गांवों में उपलब्ध कराएगा डिजिटल कनेक्टिविटी की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत हिन्दुजा ग्रुप गांवों में लास्टमाइल तक डिजिटल कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराएगा, जहां डिजिटल इण्टरप्र्रेन्योर अपना कार्य करेंगे. प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाएं गांवां में लोगों को फाइनेंशियल इन्क्लूजन से जोड़ने का कार्य करेंगी.
सीएम युवा योजना के अन्तर्गत अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को प्रदेश सरकार 05 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारण्टी मुक्त उपलब्ध कराती है. साथ ही, 10 प्रतिशत की मॉर्जिन मनी की सुविधा भी दी जाती है. लगभग 02 लाख युवा इस योजना के माध्यम से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सफल हुए हैं. जनवरी, 2025 में इस योजना की शुरुआत की गयी थी, यह एक सफल मॉडल के रूप में आगे बढ़ी है.
उद्यमी का चयन तथा प्रशिक्षण महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत उद्यमी का चयन तथा प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है. इसके पश्चात डिजिटल इक्विपमेन्ट के माध्यम से वह अपनी सेवाएं दे सकेंगे. पहले चरण में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश के 21 जनपदों का चयन किया गया है. हमारा प्रयास होगा कि शीघ्र ही सभी 75 जनपदों में यह सुविधा प्रारम्भ हो जाए. हम प्रदेश की सभी 350 तहसीलों, 825 विकास खण्डों तथा 8,000 न्याय पंचायतों में डिजिटल इण्टरप्र्रेन्योरशिप की इस योजना को आगे बढ़ाना चाहते हैं. इसके बाद यह यह योजना 57,700 ग्राम पंचायतों तक पहुंचायी जाएगी.
'ग्राम सचिवालय की अवधारणा को देश के मॉडल के रूप में किया गया स्वीकार'
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ग्राम सचिवालय की अवधारणा को नीति आयोग ने देश में एक मॉडल के रूप में स्वीकार किया है. सरपंच की प्रक्रिया से लेकर आज प्रधान के चुनाव की प्रणाली लागू होने तक पहली बार ग्राम सचिवालय के माध्यम से गांवों में ग्राम प्रधानों व लेखपालों को अपना कार्यालय मिल पाया है. इनके माध्यम से गांव के व्यक्ति आय, जाति, निवास व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र गांव में ही प्राप्त कर सकते हैं. प्रत्येक ग्राम सचिवालय में एक-एक पंचायत सहायक की तैनाती गयी है.
'मॉडल ऐसा होना चाहिये की सरकार पर व्यक्ति की निर्भरत हो न्यूनतम'
सीएम योगी ने कहा कि हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए तथा सरकार पर उसकी निर्भरता न्यूनतम रहे. यह विकास का एक सस्टेनेबल मॉडल होगा. हमें इसी दिशा में आगे बढ़ना है. प्रदेश की लगभग 07 हजार ग्राम पंचायतें भारत नेट से तथा कुछ निजी ऑपरेटर्स के माध्यम से ब्रॉडबैण्ड की सुविधा से जुड़ी हैं. 08 हजार न्याय पंचायतों में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा पहुंचाना एक चुनौती है. यदि इस चुनौती का सामना करने में सफल हुए, तो हमारे लिए ग्राम पंचायतों तक पहुंचना आसान हो जाएगा.
सीएम योगी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा पहुंचने से वह स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो सकेंगी. इससे अनेक सुविधाएं गांवां में दी जा सकेंगी. हमारा प्रयास है कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ से 50 प्रतिशत महिलाएं अनिवार्य रूप से जोड़ी जाएं. बी0सी0 सखी की तर्ज पर इनकी अलग यूनीफॉर्म हो, उनके पास इससे सम्बन्धित इक्विपमेन्ट हों तथा इनकी अपनी पहचान हो. मार्जिन मनी के रूप में उनका किस तरह सहयोग हो सके, जिससे वह आत्मनिर्भरता के लक्ष्य से जुड़ सकें.
‘प्रोजेक्ट गंगा’ डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने की कड़ी
सीएम ने कहा कि‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रधानमंत्री के डिजिटल इण्डिया के संकल्प को आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इसकी सफलता आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना को भी साकार करती है. यह एक बहुत अच्छी योजना है. जिससे गांव के लोगों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का एक प्लेटफॉर्म मिलेगा. ‘प्रोजेक्ट गंगा’ भी देश में एक नया मॉडल बनेगा. प्रदेश में विभिन्न आकांक्षात्मक विकास खण्डों में सी0एम0 फेलो की तैनाती की गयी है. यह सी0एम0 फेलो वहां विकास की प्रक्रिया को गति प्रदान करने में अपना योगदान देते हैं. ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के कार्यां में सी0एम0 फेलो के अनुभवों का लाभ लेना चाहिए.
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