उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी तेज होते ही बयानबाजी भी तीखी होती जा रही है. योगी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) विच्छेलाल राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी. 

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सुभासपा नेता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 2027 में जब ये नेता गांव में वोट मांगने आएं, तो लाठी में तेल लगाकर रखिए और उन्हें दौड़ाकर गांव से बाहर कर दीजिए.

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अखिलेश यादव और राजभर के रिश्तों को लेकर चर्चा 

सुभासपा एमएलसी ने अखिलेश यादव और विकास राजभर के रिश्तों को लेकर हो रही चर्चाओं पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है और वह केवल ओमप्रकाश राजभर की राजनीति पर नजर लगाए हुए है. उन्होंने दावा किया कि सुभासपा ने राजभर समाज की राजनीतिक ताकत को 47 से 125 पर पहुंचा कर नई पहचान दिलाई है.

एनडीए की वापसी का किया दावा

विच्छे लाल राजभर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, सुभासपा, निषाद पार्टी और अपना दल सहित सभी एनडीए सहयोगी दल गांव-गांव जाकर जनता के बीच काम कर रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर 2027 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ एनडीए सरकार बनेगी. एमएलसी के इस विवादित बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई बहस छिड़ गई है और विपक्षी दलों की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है.

यहां बता दें कि सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर लगातार समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते रहते हैं. जवाब में सपा और अखिलेश यादव भी उन्हें निशाना बनाते हैं, जिसके चलते अब दोनों में तल्खी उनके बयानों से नजर आती है. जो चुनाव के साथ और बढ़ने की उम्मीद है.

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