सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर कैबिनेट मंत्री एक बार फिर चर्चा में हैं. आजमगढ़ के अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित 'राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना' के  प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राजभर ने युवाओं को 'बिना लाइसेंस वाले हथियार' थामने की बात कहकर नई बहस छेड़ दी है. राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना' का उद्देश्य बताते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इस सेना का मुख्य उद्देश्य वंचित, शोषित, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को सही दिशा और लक्ष्य देना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर या सेना में जाना चाहता है, तो रिटायर्ड विशेषज्ञ उन्हें प्रशिक्षित करेंगे और अनुभव साझा करेंगे. 'बिना लाइसेंस वाले हथियार' से उनका तात्पर्य सेवा और सुरक्षा की भावना से है.

Continues below advertisement

RSS नाम पर मंत्री राजभर ने दी सफाई

आरएसएस (RSS) नाम पर दी सफाई जब उनसे 'राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना' के संक्षिप्त नाम RSS और भाजपा के मातृ संगठन के बीच समानता पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर बहुत पहले से है और इसका उद्देश्य केवल समाज सेवा है.

अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दलों पर साधा निशाना

राजभर ने अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष ईवीएम (EVM) और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का रोना रोने लगता है. उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी जमीन मजबूत कर रही है और विपक्ष केवल अफवाह फैलाने में व्यस्त है. इस कार्यक्रम में 28 जिलों से लगभग 6000 से 7000 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का समर्थन किया जिसमें बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर किताबों से जोड़ने की बात कही गई थी. आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में सीटों की दावेदारी पर उन्होंने कहा कि "समय आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा.

Continues below advertisement

ये भी पढ़ें: उत्तराखंड में कांग्रेस विधायक के बेटे पर जानलेवा हमले से हड़कंप, लोहे की रॉड से पीटा, ICU में भर्ती