Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में शनिवार को फिर हुई असमय बारिश से किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी. मुख्यमंत्री ने कहा, "हर हाल में यह प्रयास करें कि आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम हो. जनहानि, पशुहानि, घायलों व चोटिलों को 24 घंटे में दिया जाए मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें. इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी."

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अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मौसम के कारण किसानों की बर्बाद हुई फसल के नुकसान का आकलन कर संपूर्ण जानकारी एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाएं. राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे कराकर शासन को अवगत कराएं, जिससे किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जा सके."

बारिश से फसल नुकसान का आकलन 

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मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है. निरंतर बारिश से भी किसानों की फसल प्रभावित हो रही है, इससे नुकसान होने वाली फसल का मुआवजा दिलाया जा रहा है. शनिवार को फिर हुई बारिश से भी फसल को जो नुकसान हुआ है, उसका भी जल्द से जल्द आकलन करा लिया जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और निरंतर सुनिश्चित करें कि अन्नदाता को कोई परेशानी न हो."

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराएं, जिससे किसानों को समय पर उचित सहायता मिल सके. मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) व राहत आयुक्त से कहा, "फील्ड में कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क करें और समन्वय बनाएं. सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे राहत कार्य भी समय से हो सके." 

किसानों को राहत पाने का तरीका 

मुख्यमंत्री ने कहा, "किसान भी अपनी नुकसान हुई फसल की जानकारी शासन/प्रशासन को उपलब्ध कराएं. जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है और उनके फसल की क्षति हुई है. फसल कटकर खलिहान में रखी हो और इसका नुकसान हुआ हो तो यह फसल 14 दिन तक बीमा से कवर्ड है. ऐसे किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री 14447 नंबर पर समस्या दर्ज करा सकते हैं."