उत्तर प्रदेश में आयुष्मान कार्ड धारकों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. प्रदेश सरकार आयुष्मान कार्ड धारकों को फिर से केवाईसी कराने जा रही हैं. अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहतो हैं तो उसके लिए आपको अपना केवाईसी कराना जरूरी होगी. नहीं तो इसका लाभ मिलना बंद हो सकता है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इसके लिए आयुष्मान कार्ड बेनिफिशियरी आईडेंटिफिकेशन सिस्टम प्रणाली को लागू कर दिया है. अगर कार्ड धारकों ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया तो उन्हें इस योजना का लाभ लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है यहीं नहीं ऐसे लोगों को आयुष्मान कार्ड रद्द भी किया जा सकता है.
आयुष्मान कार्ड का केवाईसी कराना जरूरी
दरअसल बीते कुछ समय में प्रदेश में आयुष्मान कार्ड के जरिए फर्जी बिल तरीके से बिलिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद प्रशासन अब इस योजना को लेकर सतर्क हो गया है. इन प्रकरणों की जाँच में ये बात सामने आई हैं कि कुछ जगहों पर इसका गलत इस्तेमाल करके लाभ लिया गया.
इन मामलों की जांच के दौरान करीब 61932 कार्ड धारकों के संदिग्ध होने की आशंका है. जिसके बाद इन कार्ड धारकों की जांच की जा रही है. ये जांच जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन अधिकारी कर रहे हैं. इस दौरान अगर कुछ गड़बड़ी मिलती है तो ऐसे कार्ड्स को ख़ारिज किया जा सकता है.
संदिग्ध कार्ड को किया जा सकता है रद्द
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा ने का कि सभी जिलाधिकारियों को संदिग्ध आयुष्मान कार्ड की जाँच कराने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही अभी आयुष्मान कार्ड में किसी नए सदस्य को भी नही जोड़ा जाएगा. कुछ समय के लिए नए कार्ड बनाने की प्रक्रिया को रोका गया है.
बता दें कि आयुष्मान योजना के तहत ग़रीब परिवारों को पाँच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है. ये देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है. इन कार्ड का केवाईसी कराना इसलिए जरूरी है ताकि इस योजना का लाभ सिर्फ योग्य धारकों को ही मिल सके और धोखाधड़ी को रोका जा सके.