UP Chunav 2022: बड़ौत विधानसभा चुनाव में इस बार बीजेपी और आरएलडी-एसपी गठबंधन के बीच चुनाव में घमासान मचेगा. क्योंकि आरएलडी के गढ़ छपरौली विधानसभा से ही सटी बड़ौत विधानसभा सीट पर परिसीमन के बाद से ही वर्ष 2012 में बीएसपी और वर्ष 2017 में बीजेपी का कब्जा रहा है, लेकिन इस बार कृषि कानूनों को लेकर हुए संघर्ष और आरएलडी मुखिया अजित सिंह के निधन के बाद आरएलडी इस सीट को कब्जाने के लिए दम भरकर चुनाव के मैदान में कूद पड़ी है.
23 दिसंबर को बीजेपी करेगी जन विश्वास यात्राबड़ौत विधानसभा के लिए अभी किसी भी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं, लेकिन बीजेपी और आरएलडी-एसपी गठबंधन फुल तैयारी में जुटी है. बीजेपी की 23 दिसंबर को जन विश्वास यात्रा के बाद बड़ौत शहर में होने वाली जनसभा को चुनाव से पहले बीजेपी के शक्ति प्रदर्शन करने के रूप में देखा जा रहा है. बीजेपी कार्यकर्ताओं के सामने जनसभा में एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए वह गांव-गांव संपर्क में जुटे हुए हैं. हालांकि कांग्रेस भी बड़ौत विधानसभा सीट पर अपना प्रत्याशी उतार रही है और शहर अध्यक्ष राकेश शर्मा टिकट की दावेदारी कर रहे हैं.वर्ष 2017 के चुनाव पर एक नजरबीजेपी के कृष्णपाल मलिक को 79427, आरएलडी के साहब सिंह को 52,941, एसपी के शौकेंद्र तोमर को 28,376 और बीएसपी के लोकेश दीक्षित को 22,071 मत मिले थे. इस सीट पर बीजेपी के कृष्णपाल मलिक ने जीत हासिल की थी.
वर्ष 2012 के चुनाव पर एकनजरबीएसपी के लोकेश दीक्षित को 57209, आरएलडी के अश्वनी तोमर को 51,533, एसपी के अजय कुमार को 15,212 और बीजेपी के नवीन कुमार 8,395 मत मिले थे. इस सीट पर बीएसपी के लोकेश दीक्षित ने जीत हासिल की थी.
नेताओंने बदले दल तो बदलेंगे समीकरणसाहब सिंह ने वर्ष 2017 में आरएलडी के टिकट और लोकेश दीक्षित ने वर्ष 2012 और 2017 का चुनाव बीएसपी के टिकट पर लड़ा था. दोनों ही नेता अब बीजेपी में हैं. अजय कुमार अब आरएलडी में है. एसपी के शौकेंद्र तोमर और आरएलडी के अश्वनी तोमर अपनी पार्टियों का ही दामन थामे हुए हैं.
यह भी पढ़ें:
UP News: अमेरिका और चीन के झगड़े से मुरादाबाद के हस्तशिल्प कारोबारियों को फायदा, जानें कैसे
