UP News: उत्तर प्रदेश, जो कभी अपनी विशाल आबादी और जटिल प्रशासनिक ढांचे के लिए जाना जाता था, आज 'डिजिटल इंडिया' अभियान के सबसे मजबूत इंजन के रूप में उभरा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'डिजिटल सुशासन' मॉडल ने न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाई है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी बेहद सरल बना दिया है.

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900 से अधिक सेवाएं अब एक क्लिक पर

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (NeSDA) 2025 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने डिजिटल सेवाओं के मामले में लंबी छलांग लगाई है. प्रदेश में वर्तमान में 929 से अधिक ई-सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि सरकार ने सभी 59 अनिवार्य ई-सेवाओं को 100% फेसलेस और पेपरलेस मोड में लागू कर दिया है. अब आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए लोगों को तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, वे सीधे e-Sathi पोर्टल के माध्यम से आवेदन और डाउनलोड कर सकते हैं.

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भविष्य की तैयारी: AI और ब्लॉकचेन का संगम

उत्तर प्रदेश सरकार अब अपनी तहसीलों को 'फ्यूचर रेडी' बनाने की दिशा में काम कर रही है. जून 2026 तक राज्य की तहसीलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है. इससे राजस्व मामलों का निपटारा और भी सटीक और पारदर्शी होगा. इसके अलावा, 'यूपी कॉप' (UP Cop) ऐप एक डिजिटल पुलिस स्टेशन के रूप में उभरा है, जहां एफआईआर और सत्यापन जैसी 27 सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हैं.

युवाओं को डिजिटल पंख: डीजी शक्ति योजना

शिक्षा के क्षेत्र में, 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के तहत डीजी शक्ति पोर्टल के माध्यम से करोड़ों छात्रों को स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए गए हैं. यह पहल न केवल छात्रों को डिजिटल रूप से साक्षर बना रही है, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं और अध्ययन सामग्री से भी सीधे जोड़ रही है.

सुशासन का नया पैमाना: पारदर्शिता और जवाबदेही

डिजिटल गवर्नेंस का सबसे बड़ा लाभ भ्रष्टाचार पर लगाम है. 'जनसुनवाई-IGRS' पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) का सक्रिय होना यह दर्शाता है कि शासन अब सीधे जनता के प्रति जवाबदेह है. ई-गवर्नेंस ने बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर दिया है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी के खाते (DBT) में पहुंच रहा है.

उत्तर प्रदेश का डिजिटल कायाकल्प यह साबित करता है कि तकनीक का सही उपयोग किसी भी राज्य की प्रगति की गति को कई गुना बढ़ा सकता है.