उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राम मंदिर प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने अयोध्या धाम की हालिया घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि सपा और कांग्रेस ने वर्षों तक राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया. 

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उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने न केवल राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, बल्कि अदालत में भी ऐसे हलफनामे दिए जिनमें भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर सवाल उठाए गए.

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'रामलला के जन्मस्थान पर भी उठाए थे सवाल'

ब्रजेश पाठक ने कहा कि सनातन संस्कृति का हर व्यक्ति जानता है कि सपा और कांग्रेस के नेताओं ने यह तक कहा था कि अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने अदालत में भी ऐसा पक्ष रखा था जिससे रामलला के जन्मस्थान पर संदेह पैदा करने की कोशिश की गई. प्रभु श्री राम पर जितना सपा कांग्रेस ने टिप्पणियां की है उन्हें राम कभी माफ नहीं करेंगे.

'रामभक्तों पर गोलियां चलाने वालों को जनता नहीं भूलेगी'

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यही वे लोग हैं जिन्होंने अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और अयोध्या धाम को खून से रंगने का काम किया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा था, तब विपक्षी दल उसे लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे थे और मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों को भूमाफिया तक बताते थे.

'सपा-कांग्रेस जवाब दें, बाबरी मस्जिद के चंदे का क्या हुआ'

ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा नेताओं का यह कहना कि "रामलला अयोध्या से चले गए" उनकी सोच को दर्शाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हमेशा यही चाहता था कि रामलला अयोध्या में स्थापित न हों. साथ ही उन्होंने सपा और कांग्रेस से सवाल किया कि बाबरी मस्जिद के नाम पर जो चंदा इकट्ठा किया गया था, उसका क्या हुआ. उन्होंने मदरसों की फंडिंग का भी उल्लेख करते हुए विपक्ष से इस पर जवाब देने की मांग की. 

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