उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने चर्चित कोडीन कफ सिरप मामले में 40 हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है, जिसमें 900 करोड़ का काला कारोबार का खुलासा  किया गया है. इस चार्जशीट में आलोक सिंह और अमित टाटा के नाम शामिल हैं, बाकी आरोपियों के  खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है.कुल 12 मुख्य आरोपी बनाए गए हैं.

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एसटीएफ की जांच में सामने आया कि तैयार की गयी एक भी कोडीन कफ सिरप की बोतल मेडिकल स्टोर तक पहुंची ही नहीं. पूरी खेप बिहार और बंगाल के रस्ते बांग्लादेश में तस्करी की जा रही थी. इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, गौरब और वरुण हैं जो कहीं विदेश में छिपे हैं.

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क्या है कोडीन कफ सिरप मामला ?

यहां बता दें कि यूपी में कोडीन कफ सिरपा की अवैध तस्करी के सिंडिकेट का खुलासा पिछले साल के आखिर में हुआ. जिसमें यह गिरोह फर्जी कम्पनियों और फर्जी दात्सवेजों से कोडिन आधारित सिरप खरीदता था, जो कभी मेडिकल स्टोर तक पहुंचता ही नहीं था.पूरी खेप अवैध रूप से बिहार-बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजी जाती थी. इसे नशे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.

इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड वाराणसी का शुभम जायसवाल और उसके साथी गौरव और वरुण थे. इसके अलावा एसटीएफ का पूर्व सिपाही आलोक सिंह जिसे बर्खास्त किया जा चुका है.और अमित सिंह टाटा शामिल हैं.  एसटीएफ के मुताबिक इस गिरोह ने 3 से 7 साल में 900 करोड़ से 2000 करोड़ तक का काला कारोबार किया. इस कांड ने प्रदेश की सियासत में भी काफी दिनों तक माहौल गर्म रखा.

अब तक की कार्रवाई 

मामले के सामने आने के बाद एसटीएफ ने कई चरणों में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की. 12 में से 9 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. इस मामले में ईडी ने भी कार्रवाई करते हुए कई संपत्तियां जब्त की हैं. अब लखनऊ कोर्ट में एसटीएफ ने 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल है. जिसमें आलोक सिंह और अमित टाटा शामिल हैं.

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