उत्तर प्रदेश में आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. यूपी कैडर में साल 2023 बैच के आईएएस रिंकू सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. इस्तीफा वापसी बेहद गोपनीय तरीके से हुई है. इस मामले पर अभी तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई हैं. जिसके बाद इसे लेकर प्रदेश में कयासों का दौर शुरू हो गया है. 

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आईएएस रिंकू सिंह के इस्तीफा वापसी पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. जानकारी के मुताबिक़ उच्च स्तर से अनुमति मिलने के बाद रिंकू सिंह राही मामले पर फैसला हो सकता है जिसके बाद उन्हें जल्द ही तैनाती दी जा सकती है. 

काम नहीं मिलने पर दिया इस्तीफा

आईएएस रिंकू सिंह राही ने बीते 26 मार्च 2026 को राष्ट्रपति और यूपी के नियुक्ति विभाग को अपना इस्तीफा दिया था, जिसमें उन्होंने कोई जिम्मेदारी या काम नहीं मिलने को इस्तीफे की वजह बताया था. वो समाज कल्याण अधिकारी के पद पर वापस भेजने की माँग कर रहे थे, जिसके बाद उन्होंने काम नहीं तो वेतन नहीं की बात कहते हुए अपना इस्तीफा दे दिया था. 

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IAS रिंकू सिंह राही का इस्तीफा सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. इस चिट्टी में उन्होंने काम करने का अवसर नहीं दिए जाने का आरोप लगाया था. उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा था कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग ही सिस्टम चल रहा है. जिसके बाद उनका इस्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और प्रदेश में सियासी घमासान भी खड़ा हो गया था. 

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए थे सवाल

इस पूरे विवाद के बाद वो ख़ुद भी मीडिया के सामने आए थे. उनकी नाराजगी पद और पोस्टिंग की ही नहीं थी बल्कि उन्होंने सिस्टम के तरीकों को भी घेरे में लें लिया था. उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी को काम ही न मिले तो उस पद पर रहने का कोई मतलब नहीं है और उनका वेतन जनता के पैसों से आता है इसलिए बिना काम के वेतन लेना भी ठीक नहीं है. 

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