उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद अब मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में देरी हो सकती है. जी हां सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली रवाना हो रहे हैं. माना जा रहा है कि दोनों नेता केन्द्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद ही विभागों का बंटवारा करेंगे. इसलिए एक से दो दिन और भी लग सकते हैं.

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केन्द्रीय नेतृत्व के साथ दोनों नेताओं क उच्चस्तरीय बैठक होनी है. जिसमें मंत्रिमंडल में विभाग बंटवारे और संगठनात्मक मुद्दों पर चाक्र्हा होगी. यही नहीं विभागों में भी जातीय समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा. ताकि विपक्षी पार्टियों को कोई मौका न मिले.

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अचानक दिल्ली का जाने से बढ़ी सरगर्मी

सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के अचानक दिल्ली जाने से भी यूपी की राजनीति में कयासबाजी और तेज हो गयी है. अबसे पहले दोनों का ऐसे मौकों पर साथ मुश्किल ही रहा है. क्यूंकि मंत्रिमंडल विस्तार लंबे अरसे से टल रहा था. आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अब इस पर मुहर लग गयी, लेकिन अब विभाग बंटवारा नई पहेली बन गए हैं.

कैबिनेट में कुल 60 मंत्री

रविवार को योगी मंत्रिमंडल में 6 नए सदस्यों की शपथ के साथ ही अब यूपी कैबिनेट में 60 सदस्य हो चुके हैं. माना जा रहा है कि ये सब आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश है. ताकि विपक्ष की  आलोचनाओं का जबाब दिया जा सके.

अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली से वापस आने पर ही विभागों का बंटवारा होना तय है. जबकि इससे पहले आज शाम तक मंत्रालय मिलने की चर्चाएं थीं. इनमें भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की चर्चा है. साथ ही कई मंत्रियों के विभाग भी बदलने की चर्चा है. लेकिन अब किसका बदलता है और किसका नहीं? इस पर सभी की निगाहें टिक गयीं हैं.

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