UP के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा का खास अंदाज, स्कूटी से पहुंचे स्कूल, बच्चों को पढ़ाया
मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि किताब और निर्धारित सिलेबस के अलावा देश-दुनिया से जुड़ी जानकारी भी बच्चों के ज्ञान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

जेन-जी और जेन- अल्फा जेनरेशन को साधने की कोशिश में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा का अंदाज सोमवार को कुछ अलग नजर आया. सरकारी गाड़ी छोड़कर मंत्री स्कूटी से अपनी साहिबाबाद विधानसभा के करहेड़ा-मोहन नगर स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंचे. यहां वह मंत्री नहीं, बल्कि बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका में नजर आए.
स्कूल पहुंचकर सुनील शर्मा ने कक्षा 8 के विद्यार्थियों से संवाद किया. उन्होंने पहले बच्चों के ज्ञान को परखा और इसके बाद भूगोल की पाठशाला शुरू की. मंत्री ने विद्यार्थियों को हिमालय पर्वत के बारे में जानकारी दी. हिमालय का निर्माण कब हुआ और किन भूगर्भीय घटनाओं के कारण दुनिया की इस विशाल पर्वत श्रृंखला का निर्माण हुआ, इसके बारे में उन्होंने बच्चों को विस्तार से समझाया.
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मंत्री ने कहा कि किताब और निर्धारित सिलेबस के अलावा देश-दुनिया से जुड़ी जानकारी भी बच्चों के ज्ञान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उन्होंने विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान और भूगोल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताईं.
जेन-जी की नाराजगी पर क्या बोले मंत्री?
जेन-जी की कथित नाराजगी को लेकर पूछे गए सवाल पर सुनील शर्मा ने कहा कि जेन-जी सरकार से नाराज नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जेन-जी से संवाद किया है, जिसे करोड़ों लोगों ने देखा.
हालांकि, मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोगों की अराजकता और उनकी भाषा-संस्कार भी सभी ने देखे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार जेन-जी और अल्फा जेनरेशन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. बच्चे पढ़ेंगे, आगे बढ़ेंगे और देश का भविष्य बनाएंगे.
हिंदी दिवस पर बोले सुनील शर्मा
हिंदी दिवस के मौके पर मंत्री ने हिंदी भाषा को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह खुद आईटी मंत्री हैं और कई काम हिंदी में ही करते हैं. उनके मुताबिक जिस देश की अपनी भाषा मजबूत होती है, वह देश भी मजबूत होता है. उन्होंने जापान और चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि कई देश अपनी भाषा के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
शिक्षा व्यवस्था पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के सवाल पर सुनील शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा माफिया का गठजोड़ था. उनके मुताबिक उस समय स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति ठीक नहीं थी और स्कूलों की हालत भी खराब थी. बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं की भी कमी थी. मंत्री ने दावा किया कि पिछले वर्षों में प्रदेश के स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार हुआ है.




















