पूजा पाल को यूपी कैबिनेट में नहीं मिली जगह तो सपा ने कसा तंज, 'जो धोखा देकर गए हैं, वो...'
UP Cabinet Expansion: अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं की बड़ी बड़ी बात करने वाली बीजेपी ने मंत्रिमंडल विस्तार मे पूजा पाल और अन्य 'भागी' विधायकों को जगह नहीं दी.

उत्तर प्रदेश कैबिनेट का विस्तार कर दिया गया है. रविवार (10 मई) को मंत्रिमंडल विस्तार के तहत योगी सरकार में 6 नये चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी. कौशाम्बी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल का नाम भी चर्चा में था कि उन्हें योगी की सरकार में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. अब इस पर अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल को 'बागी' की जगह 'भागी' विधायक कहकर तंज कसा है.
जो हमारे ना हो सके, वो आपके क्या होंगे- सपा
समाजवादी पार्टी ने निशाना साधते हुए कहा, ''महिलाओ की बड़ी बड़ी बात करने वाली भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार मे पूजा पाल और अन्य 'भागी' विधायकों को जगह नहीं दी. जो धोखा देकर गये हैं, वो किसी के वफादार क्या होंगे, जो हमारे ना हो सके, वो आपके क्या होंगे.''
पूजा पाल को योगी सरकार में नहीं मिली जगह
पूजा पाल को यूपी कैबिनेट विस्तार में जगह मिलने की जोर शोर से चर्चा हो रही थी. बताया जा रहा है कि पूजा पाल का नाम आखिरी वक्त में काट दिया गया और फिर योगी सरकार में उन्हें जगह नहीं मिल पाई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (09 मई) को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं की लिस्ट सौंपी थी.
किन-किन नेताओं को यूपी कैबिनेट विस्तार में मिली जगह?
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने लखनऊ में 'जन भवन' में आयोजित समारोह में मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. इनमें समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी शामिल हैं. इसके अलावा हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत, कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर को राज्य मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी. इसके अलावा दो मंत्रियों का प्रमोश भी किया गया. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल और ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री के तौर पर शपथ दिलायी गयी.
कौन हैं पूजा पाल?
यूपी के कौशांबी की चायल से विधायक पूजा पाल को पिछले साल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. बता दें कि पूजा पाल के पति राजू पाल की साल 2005 में हत्या कर दी गई थी. राजू पाल इलाहाबाद शहर पश्चिमी से बीएसपी के विधायक थे. उन्होंने 2004 के उपचुनाव में माफिया अतीक अहमद के भाई और सपा उम्मीदवार अशरफ को हराया था. पति की हत्या के बाद पूजा पाल ने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी से जीत हासिल की.
2017 में चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और बाद में सपा में शामिल हो गई थीं. 2022 विधानसभा चुनाव में पूजा पाल चायल से विधायक चुनी गईं. राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन में खड़े होने और सीएम योगी की सरकार की तारीफ करने के कथित आरोपों के बाद सपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देकर 2025 में पार्टी से बाहर कर दिया.

























