उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही है, इसी को लेकर श्रावस्ती प्रशासन पूरी तरीके से सख्त नजर आ रहा है. इस बार नकल माफिया और लापरवाह शिक्षकों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी जिला प्रशासन की तरफ से है. जनपद में 41 परीक्षा केंद्रों पर 23 हजार 275 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. वहीं परीक्षा केन्द्रों से ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षकों को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी. दरअसल, श्रावस्ती जनपद में 18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है. जनपद में 41 परीक्षा केन्द्रों पर 43 हजार 275  परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. बोर्ड एग्जाम को देखते हुए जिला अधिकारी अश्विनी कुमार पांडे ने सख्त निर्देश जारी किए हैं.

ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षकों को होगी जेल

उन्होंने कहा कि नकल माफिया और लापरवाह शिक्षकों की अब खैर नहीं है. अगर शिक्षक ड्यूटी से गायब रहता है तो उसको जेल की हवा खानी पड़ेगी. इसके साथ ही परीक्षा केन्द्रों से 1 किलोमीटर के दायरे में फोटोकॉपी की दुकान भी पूरी तरीके से बंद रहेंगी.

नकल रोकने के लिए डीएम ने बनाया मास्टर प्लान

वहीं नकल रोकने के लिए जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पांडे ने एक मास्टर प्लान भी बनाया है, जिसके तहत रात में परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की जाएगी. वहीं स्ट्रांग रूम और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा जांचने के लिए प्रशासन के द्वारा एक स्पेशल टीम तैयार की गई है.

श्रावस्ती में लागू की गई धारा 144

वहीं बोर्ड एग्जाम के मद्देनजर जनपद श्रावस्ती में 144 की धारा लागू कर दी गई है, जिसमें भीड़ जुटाने वालों पर सीधे FIR की जाएगी. इसके बाद परीक्षा केंद्र संस्थापकों में खलबली है. वहीं नकल माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है.

18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेंगी परीक्षाएं

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी, जिसमें 52 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे. बोर्ड ने साफ किया है कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत और पारदर्शी बनाया जाएगा.