उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच आयोजित होंगी. नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने के दावे के साथ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है. बोर्ड के अनुसार परीक्षा अवधि के चार दिनों में विशेष रूप से अत्यधिक सतर्कता बरती जाएगी.

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यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि प्रदेश के 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है और कई तिथियों व विषयों की परीक्षाएं उच्च तथा अति उच्च सतर्कता के स्तर पर कराई जाएंगी.

20 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान और इंटरमीडिएट नागरिक शास्त्र, 23 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल अंग्रेजी, 25 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल विज्ञान, 26 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल गणित व इंटरमीडिएट भूगोल तथा 27 फरवरी की दूसरी पाली में संबंधित विषयों की परीक्षाओं के दौरान अति उच्च सतर्कता और विशेष निगरानी रहेगी.

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UP Board में ये जिले संवेदनशील घोषित

संवेदनशील जिलों के परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त उड़न दस्ते तैनात किए जाएंगे, सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी होगी और केंद्र व्यवस्थापकों की जवाबदेही तय की जाएगी. स्थानीय प्रशासन को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं और नकल माफिया व अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. संवेदनशील घोषित जिलों में आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा शामिल हैं, जहां कुछ विषयों और तिथियों को अधिक संवेदनशील मानते हुए कड़े प्रशासनिक इंतजाम किए जा रहे हैं.

यूपी बोर्ड की 2026 की परीक्षा में कुल 52 लाख 30 हजार 297 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें हाईस्कूल के 27 लाख 50 हजार 945 और इंटरमीडिएट के 24 लाख 79 हजार 352 परीक्षार्थी शामिल हैं.