यूपी के बागपत के टांडा गांव स्थित दारुल उलम मुजफ्फरिया लिल बनात  मदरसे में 11 महीने के बच्चे की मौत का पुलिस ने सनसनीखेज राजफाश करते हुए मदरसे में पढ़ने वाली किशोरी को हिरासत में ले लिया है. पुलिस का दावा है कि मदरसे में किशोरी चोरी छिपे मोबाइल रखती थी और अपने बायफ्रेंड से बातचीत किया करती थी.

 इस बात पर आपत्ति जताते हुए मुफ्ती ने किशोरी की पिटाई करते हुए मोबाइल छीनकर अपने पास रख लिया था, जिससे किशोरी मुफ्ती से इस कदर नाराज हुई कि उसने 11 महीने के बच्चे को कपड़े में लपेटकर बेड के अंडर डाल दिया, जहां बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई. हालांकि गांव के लोग अभी भी इसे हादसा ही मानकर चल रहे है. 

पूरे मामले पर एक नजर 

टांडा गांव में रमाला मार्ग पर दारुल उलम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसा स्थित है, जिसमें लगभग 25 लड़कियां पढ़ती हैं. गांव के ही रहने वाले मुफ्ती शहजाद पुत्र सुलेमान मदरसे के संचालक है, जो अपनी पत्नी रुबीना और चार बेटियों के साथ मदरसे में ही रहते हैं. रुबीना भी मदरसे में पढ़ाती है. 

बता दें शहजाद के साले सलमान निवासी कुटेरसा थाना चरथावल जनपद मुजफ्फरनगर का अपनी पत्नी आसमीन से 10 महीने पहले तलाक हो गया था, जिसके बाद शहजाद अपने साले के 11 महीने के बेटे तलहा को अपने पास ले आया था. 

बेड से गायब मिला बच्चा

मदरसे में 16 अगस्त की रात लगभग 12 बजे शहजाद और उसकी पत्नी ने तलहा को दूध पिलाकर अंदर बेड पर सुला दिया था. अगले दिन सुबह शहजाद और रुबीना नींद से जागे तो तलहा बेड से गायब था, जिसके बाद शहजाद और रुबीना ने बच्चे को ढूंढना शुरू किया और गांव के लोगों को इस घटना की जानकारी भी दी. 

मदरसे के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो मदरसे में पढ़ने वाली एक किशोरी मदरसे के परिसर में टहलती और कमरे में घुसती और निकलती नजर आयी. किशोरी से पूछताछ की तो उसने घटना की बाबत बता दिया, जिसके बाद बच्चा बेड के अंदर कपड़े में लिपटा रखा हुआ मिला. वह गंभीर हालत में था. उसे चिकित्सक के पास लें जाया गया, लेकिन चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. 

पुलिस ने दी यह जानकारी

जिसके बाद इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने किशोरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की.  एएसपी एनपी सिंह का कहना है कि डेढ़ महीने पहले बागपत के ककोर कला गांव की रहने वाली 14 साल की लड़की मदरसे पढ़ने आयी थी. वह चोरी छिपे अपने पास  मोबाइल रखती थी और अपने जानकर लड़के से बातचीत करती थी.

मदरसे के  संचालक शहजाद को इसका पता चला तो उसने लड़की की पिटाई कर मोबाइल छीनकर अपने पास रख लिया था. इसी से नाराज 14 साल की लड़की ने रात के समय सोते हुए बच्चे को कपड़े में लपेटकर बेड के अंदर रख दिया, जिससे बच्चे की मौत हो गई. 

ग्राम प्रधान ने क्या कहा?

मदरसे के मुफ्ती शहजाद उसकी पत्नी रुबीना, ग्राम प्रधान नवाजिश आदि का कहना है कि हत्या जैसी कोई घटना नहीं हुई है. मदरसे में न तो किशोरियों की पिटाई हुई और न ही उन्होंने बच्चे को कपड़ों में लपेटकर बेड के अंदर रखा है बल्कि जब बच्चा बेड पर सो रहा था.

वहीं उन्होंने बताया रात के समय कमरे में अंधेरा था और एक बच्ची कमरे के अंदर गई तो उसके हाथ से सात किलो का कंबल नीचे बेड पर बच्चे के ऊपर गिर गया, जिससे दम घुटने से बच्चे की मौत हो गई.