उत्तर प्रदेश एटीएस ने मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा जुटाकर पाकिस्तानी आतंकी संगठन तक रकम पहुंचाने के आरोप में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. आरोपी मोहम्मद जफर पर मौलाना मसूद अजहर की भड़काऊ और जेहादी तकरीरें सोशल मीडिया के जरिए साझा कर लोगों को जेहाद के लिए प्रेरित करने का भी आरोप है.
एटीएस अफसरों के मुताबिक सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मदरसे के नाम पर चंदा लेकर उस रकम को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन को भारत में जेहाद के उद्देश्य से भेज रहा है. सूचना की पुष्टि के बाद एटीएस ने जांच शुरू की. सोशल मीडिया और मोबाइल फोन की जांच के दौरान आरोपी के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाकिस्तानी जेहादी व्हाट्सएप ग्रुपों में सक्रिय होने की बात सामने आई.
पाकिस्तान हैंडलर के संपर्क में आने का दावा
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि पढ़ाई के दौरान उसने जैश-ए-मोहम्मद और जेहाद व मुजाहिदों की शहादत से संबंधित साहित्य पढ़ा था. इसके बाद वह मौलाना मसूद अजहर के प्रभाव में आया और मुजाहिद बनने की इच्छा जताई. उसके बाद जफर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया और उसने जेहाद में मदद करने की पेशकश की.
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हैंडलर की ओर से उसे एक पाकिस्तानी बैंक खाता दिया गया, जिसमें उसने रकम भेजने का प्रयास किया, हालांकि यह प्रयास सफल नहीं हुआ. इसके बाद आरोपी ने बाइनेंस अकाउंट की मांग की इस दौरान वो कई और पाकिस्तानी संदिग्धों के संपर्क में आया. एटीएस के मुताबिक, उसने बाइनेंस के जरिए यूएसडीटी में कई बार रकम भेजी.
मोबाइल में मिले जेहादी व्हाट्सएप ग्रुप
एटीएस के मुताबिक, आरोपी अपने फेसबुक अकाउंट के जरिए चेहरा ढककर जेहाद और खिलाफत से संबंधित बयान देता था. उसके मोबाइल फोन से कई पाकिस्तानी जेहादी व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं. इनमें जेहाद और चंदे से संबंधित बातचीत भी मिली है. मोहम्मद जफर मूल रूप से बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला है. उसने पहले मेरठ में रहकर एक मदरसे में पढ़ाई की थी.
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