UP Teacher Recruitment: उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक अध्यापक (Assitant Teacher) भर्ती मामले से जुड़ी अवमानना याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान परीक्षा नियामक प्राधिकरण (Exam Regulatory Authority) के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी कोर्ट में पेश हुए. कोर्ट ने 25 अगस्त 2021 और 20 दिसंबर 2021 को जारी आदेश का पालन करने के लिए राज्य सरकार को चार महीने का और समय देने से इनकार कर दिया है.
कोर्ट ने सचिव को 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने याचियों को एक अंक देने के आदेश के अनुपालन में कंप्लायंस एफिडेविट (Compliance Affidavit) दाखिल करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने पूछा था कि 6 जनवरी 2023 को परीक्षा नियामक प्राधिकरण द्वारा याचियों से प्रत्यावेदन मांगने संबंधी मामले में याचियों को एक नंबर देने में कितन समय लगेगा. बेसिक एजुकेशन के प्रमुख सचिव दीपक कुमार और परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई है.
19 अप्रैल को होगी मामले में अगली सुनवाईइलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 अगस्त 2021 को और 20 दिसंबर 2021 को, जबकि लखनऊ बेंच ने 9 मई 2020 को परीक्षा नियामक प्राधिकरण द्वारा जारी गलत उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका पर याचियों को एक नंबर देने का आदेश दिया था. याचियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे, अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी और राहुल कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा. 19 अप्रैल 2023 को मामले की अगली सुनवाई होगी.
याची अश्वनी कुमार त्रिपाठी, करुणेंद्र प्रताप सिंह चौहान और अन्य कई अभ्यर्थियों की ओर से अवमानना याचिकाएं दाखिल की गई हैं. जस्टिस पीयूष अग्रवाल की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई. बता दे को कि इससे पहले हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई के दौरान यह माना था कि शिक्षकों के चयन में आरक्षण कोटे का सही से पालन नहीं हुआ है. इसके सात ही 6800 अभ्यर्थियों के चयन को रद्द भी कर दिया गया था.
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