उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य विधानमंडल के मॉनसून सत्र के चार दिवसीय होने पर तंज कसा है.  सपा चीफ ने लिखा कि चार दिन की सरकार बची है, इसीलिए उप्र विधानसभा में सत्र भी चार दिन का ही हो रहा है. 

Continues below advertisement

कन्नौज सांसद ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि  पहला दिन उप्र बीजेपी सरकार श्रद्धांजलि देने में निकाल देगी. दूसरा दिन अयोध्या के प्रभु राम जी के मंदिर में हुई सुनियोजित चोरी के महापाप की ज़िम्मेदारी, अपने ऊपर से हटाकर केंद्र सरकार पर डालकर, अपना पल्ला झाड़ने में निकाल देगी. ⁠तीसरा दिन प्रयागराज जैसे पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलन से बचने में निकाल देगी. ⁠चौथा दिन दुखी माँ के सरेआम अपमान पर मुंह छिपाकर जल्दी से सत्र ख़त्म करने की घोषणा करने में निकाल देगी.

अखिलेश ने लिखा कि सच तो ये है कि अब बीजेपी को भी मालूम है कि वो फिर कभी सरकार में वापस नहीं आएंगे, इसीलिए विधानसभा को महत्व नहीं दे रहे हैं बस सत्र आयोजित करने की औपचारिकता निभा रहे हैं. बीजेपी की चला-चली की बेला का मानसून सत्र भी चला-चली टाइप का सत्र है.  अब बीजेपी जाएगी, फिर कभी न आएगी!

Continues below advertisement

3-6 अगस्त तक मॉनसून सत्र

बता दें यूपी में विधानमंडल यानी विधानसभा और विधान परिषद् का सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा. अखिलेश का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मॉनसून सत्र से एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक हुई है.

इस बैठक में ही सपा ने संकेत दिए हैं कि वह राम मंदिर समेत तमाम मुद्दे उठाएगी. वहीं स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि है कि इन चार दिनों में विधायक अपने मुद्दे उठाएंगे और विधायी कार्य संपन्न किए जाएंगे.

मॉनसून सत्र में सरकार कुछ अहम विधेयक लाएगी साथ ही अनुपूरक बजट की भी योजना है. यह सत्र कई मुद्दों को लेकर काफी हंगामेदार रहने वाला है.