उत्तर प्रदेश 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में बुधवार (22 अप्रैल) को लखनऊ में अभ्यर्थियों ने फिर से प्रदर्शन किया है. इस बीच सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी विधानसभा का घेराव करने के लिए पहुंचे. प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी गले में झाड़ू और मटकी लटका कर पहुंचे हैं. 

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप सरकार दलित और पिछड़ों को आगे नहीं बढ़ाना चाहती. सुप्रीम कोर्ट में लंबित केस में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से वकील नहीं खड़ा हो रहा है. जिसकी वजह से मामले की पैरवी नहीं हो रही है.

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पुलिस ने घेराव कर रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया

यूपी पुलिस द्वारा विधानसभा का घेराव करने पहुंचे अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया है. जिसके बाद उन्हें इको गार्डन भेजा गया है. अभ्यर्थी बीते 3 सालों से 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षण महा घोटाले का आरोप लगा रहे हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जून 2020 और जनवरी 2022 की चयन सूचियों को रद्द कर दिया था. 

साथ ही यूपी सरकार को निर्देश दिया था कि वह 2019 में हुई सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा (एटीआरई) के आधार पर 69 हजार शिक्षकों के लिए नई चयन सूची तीन महीने के भीतर जारी करे. इसको लेकर स्थिति अधर में अटकी हुई है. जिससे नाराज अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. 

सरकार के रवैये से नाराज अभ्यर्थी

अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस मामले में सरकार कुछ नहीं कर रही है. फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है. इस मामले को लेकर साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट में पहली सुनवाई हुई थी. अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की तरफ से किसी तरह की पहल न करने की वजह से यह मामला लटका हुआ है.

इस प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि विभिन्न जिलों में प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को हाउस अरेस्ट किया जा रहा है. पिछले 6 साल से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं. बता दें कि शिक्षक भर्ती में 19 हजार सीटों पर आरक्षण का मामला है. 

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