उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ग्रेजुएट लेवल परीक्षा के पेपर लीक मामले में लंबे समय से फरार मुख्य आरोपी खालिद मलिक को हरिद्वार पुलिस ने लक्सर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी देहरादून और हरिद्वार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का नतीजा है. इससे पहले खालिद की बहन साबिया (35 वर्ष) को भी हिरासत में लिया गया था.

खालिद को हरिद्वार में प्रारंभिक पूछताछ के बाद देहरादून पुलिस को सौंप दिया गया, जहां जांच जारी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है.

पेपर लीक की घटना- कैसे हुआ खुलासा?

बता दें कि 21 सितंबर को हरिद्वार के बहादुरपुर जाट गांव के आदर्श बाल सदान इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर खालिद ने पीछे की दीवार फांदकर प्रवेश किया और मुख्य गेट पर चेकिंग से बचा. परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद उसने एक डिवाइस से प्रश्न पत्र की तीन पेजों की फोटो खींची और उन्हें अपनी बहन साबिया के मोबाइल पर भेज दिया.

साबिया ने टिहरी गढ़वाल के एक कॉलेज की प्रोफेसर सुमन चौहान को व्हाट्सएप पर भेजा, जिन्होंने 10 मिनट में उत्तर तैयार कर भेजे. परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए, जिससे मामला खुल गया.

पुलिस ने बताया कि खालिद परीक्षा में शामिल उम्मीदवार था, लेकिन धांधली के लिए यह साजिश रची. FIR में खालिद, साबिया, उनकी दूसरी बहन हिना और सुमन चौहान के नाम शामिल हैं.

मामला उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और उपाय) अधिनियम 2023 के तहत दर्ज है. खालिद तीन दिनों से फरार था और उत्तर प्रदेश भागा था, लेकिन मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग से पकड़ा गया.

पुलिस का दावा: संगठित गिरोह नहीं, व्यक्तिगत साजिश

देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि यह कोई संगठित गैंग का काम नहीं है, बल्कि कुछ व्यक्तियों की व्यक्तिगत साजिश लगती है. जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

हरिद्वार एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने बताया कि खालिद के घर पर अवैध बिजली कनेक्शन पाया गया, जिसके लिए उसके पिता के खिलाफ बिजली अधिनियम की धारा 135 के तहत केस दर्ज किया गया. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट शेयर करने वालों की भी जांच कर रही है.

धांधली करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परीक्षा में अनियमितता करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. यह पहला मामला है जब नई एंटी-चीटिंग लॉ लागू हुई है, और सरकार सख्त कार्रवाई का उदाहरण कायम करेगी, UKSSSC चेयरमैन गणेश सिंह मर्तोलिया ने इसे एक व्यक्ति की मदद की साजिश बताया. देहरादून में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया.

अन्य आरोपी फरार

पुलिस अन्य सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है. खालिद के परीक्षा कक्ष में जैमर न होने से धांधली आसान हुई.