Muzaffarnagar News: पुलिस कार्रवाई से नाराज ठाकुर पूरन सिंह, 14 मार्च को 'सम्मान बचाओ महापंचायत'
Muzaffarnagar Hindi News: किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने मुजफ्फरनगर में प्रेस वार्ता में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया.

किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. मुजफ्फरनगर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने पुलिस पर एकतरफा और दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया. अपने परिवार और संगठन के उत्पीड़न के विरोध में ठाकुर पूरन सिंह ने आगामी 14 मार्च को तितावी थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव में एक विशाल 'सम्मान बचाओ महापंचायत' बुलाने की घोषणा की है.
ठाकुर पूरन सिंह ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक स्थानीय विवाद को जानबूझकर राजनीतिक षड्यंत्र का रूप दिया जा रहा है ताकि उनके परिवार और संगठन की छवि को धूमिल किया जा सके.
गंभीर धाराओं में मुकदमा
उन्होंने बताया कि तितावी क्षेत्र में हुए विवाद के बाद उनके बच्चों, भाई, भतीजे और यहां तक कि उनके ड्राइवर के खिलाफ भी बेबुनियाद तरीके से धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
CCTV साक्ष्य की अनदेखी
किसान नेता ने दावा किया कि असल में हमला उनके घर पर आकर किया गया था. इस पूरी घटना की सच्चाई सीसीटीवी फुटेज में कैद है और उन्होंने वे साक्ष्य खुद पुलिस को सौंपे हैं. इसके बावजूद पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय उनका ही दमन कर रही है.
'अपराधियों की तरह सार्वजनिक की जा रहीं तस्वीरें'
प्रेस वार्ता के दौरान ठाकुर पूरन सिंह ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस उनके बच्चों की तस्वीरें इस तरह से सार्वजनिक कर रही है जैसे वे कोई पेशेवर या कुख्यात अपराधी हों. उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद के बाद वे खुद अपने बच्चों को लेकर थाने पहुंचे थे, फिर भी तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है.
14 मार्च को नसीरपुर में जुटेगा किसानों का हुजूम
प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि अगर प्रशासन ने अपना तानाशाही रवैया नहीं बदला, तो किसान और मजदूर इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. यह लड़ाई अब केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि किसानों और मजदूरों के स्वाभिमान की लड़ाई बन गई है.
आगामी 14 मार्च को नसीरपुर गांव में होने वाली 'सम्मान बचाओ महापंचायत' को लेकर उन्होंने दावा किया कि यह आयोजन ऐतिहासिक होगा, जिसमें विभिन्न जिलों से संगठन के कार्यकर्ता, सामाजिक प्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण हिस्सा लेंगे. इस बड़ी घोषणा के बाद से ही पूरे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL




























