उत्तराखंड की प्रसिद्ध टिहरी झील में संचालित फ्लोटिंग हट्स के संचालन पर जिला प्रशासन ने फिलहाल रोक लगा दी है. बीते दिनों आए तेज आंधी-तूफान के दौरान फ्लोटिंग हट्स में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन भी कर दिया है, जो चार दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम अचानक मौसम खराब होने के बाद तेज आंधी-तूफान आया. इसी दौरान डोबरा-चांठी क्षेत्र के समीप झील में स्थापित फ्लोटिंग हट्स के एक्सल ज्वाइंट निकल गए, जिससे ये हट्स अस्थिर होकर तिरछे हो गए. इस घटना के समय हट्स में करीब 30 पर्यटक ठहरे हुए थे, जो अचानक उत्पन्न स्थिति से घबरा गए. तेज हवाओं और झील के बीच अस्थिर होते हट्स ने पर्यटकों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया.
SDRF ने किया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. रात के अंधेरे में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू अभियान चलाया गया. टीम ने सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया. इस दौरान कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.
फ्लोटिंग तत्काल प्रभाव से बंद
घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फ्लोटिंग हट्स के संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया. साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. इस समिति की अध्यक्षता एसडीएम सदर कमलेश मेहता को सौंपी गई है. समिति में लोनिवि (लोक निर्माण विभाग) के अधीक्षण अभियंता केएस नेगी, पुलिस उपाधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह राणा और एसडीआरएफ ढालवाला के प्रभारी निरीक्षक को सदस्य बनाया गया है.
प्रशासन का कहना है कि समिति तकनीकी और सुरक्षा के सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी. फ्लोटिंग हट्स की संरचना, उनकी मजबूती, रखरखाव और सुरक्षा मानकों का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि फ्लोटिंग हट्स का संचालन दोबारा शुरू किया जाए या नहीं, और यदि किया जाए तो किन अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के साथ.
बड़ी संख्या में आते हैं पर्यटक
टिहरी झील पर्यटन के लिहाज से एक प्रमुख आकर्षण है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. फ्लोटिंग हट्स यहां का खास आकर्षण माने जाते हैं, लेकिन इस घटना ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कुल मिलाकर, प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके.
