'ताजमहल आगरा की जनता के लिए श्राप', इन नियमों पर BJP सांसद ने उठाए सवाल
Taj Mahal News: लोकसभा में सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि TTZ और NGT नियमों से आगरा में उद्योग रुक गए हैं, इसलिए युवाओं के रोजगार के लिए IT हब बनाया जाए.

आगरा से भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में शहर से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि ताजमहल की खूबसूरती भले ही दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन ताज ट्रैपेजियम जोन (TTZ) और एनजीटी (NGT) के कड़े नियमों ने आगरा के विकास को रोक दिया है. उनके मुताबिक, इन नियमों की वजह से न नए उद्योग लग पा रहे हैं और न ही रोजगार के अवसर बन रहे हैं.
राजकुमार चाहर ने सदन में कहा, "ताजमहल बहुत ही खूबसूरत है, लेकिन ताजमहल की खूबसूरती आगरा की जनता के लिए श्राप बन गई है. कारण यह है कि ताजमहल की खूबसूरती न चली जाए, इस कारण से ताज ट्रिपेजियम जोन, टीटीजेड और एनजीटी लागू है. टीटीजेड और एनजीटी की वजह से आगरा में न उद्योग लग पाते हैं, न फैक्ट्रियां लग पाती हैं और आगरा का नौजवान बेरोजगार घूम रहा है."
कनेक्टिविटी बेहतरीन, लेकिन विकास नहीं
सांसद चाहर ने आगरा की बेहतरीन कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे और जल्द बनने वाले ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेस वे से शहर देश के बड़े हिस्से से जुड़ चुका है. उन्होंने कहा कि आगरा से जयपुर के लिए भी है. आगरा बहुत नजदीक है दिल्ली से.
उद्योग नहीं लग सकते, तो IT हब बने आगरा
राजकुमार चाहर ने कहा कि TTZ नियमों के चलते फैक्ट्रियां और बड़े उद्योग लगाना लगभग असंभव है, इसलिए अब एकमात्र रास्ता आईटी सेक्टर को बढ़ावा देना है.
उन्होंने सरकार से मांग की, "अब हमारे पास एक ही रास्ता बचता है. केवल एक रास्ता है कि फैक्ट्री और उद्योग तो लग नहीं सकते बाध्यता के कारण, लेकिन आईटी का हब पूरे देश भर का आगरा में बनाया जा सकता है. तो मेरी सरकार से मांग है कि आगरा के बेरोजगारों को ध्यान रखते हुए आगरा की जनता के हित में आईटी का हब आगरा को बनाया जाए, जिससे वहां के लोगों को न्याय मिल सके और ताजमहल की खूबसूरती अपने आप बनी रहे."
सांसद का मानना है कि IT हब बनने से आगरा के युवाओं को रोजगार मिलेगा और शहर आर्थिक रूप से मजबूत होगा. इसके साथ ही ताजमहल की सुंदरता को बिना नुकसान पहुंचाए विकास का रास्ता भी खुलेगा.
लोकसभा में दिया गया यह बयान आगरा के विकास मॉडल पर बड़ी बहस छेड़ सकता है, क्योंकि एक तरफ ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा है, वहीं दूसरी तरफ लाखों युवाओं के रोजगार का सवाल भी खड़ा है.
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Source: IOCL


























