स्वामी प्रसाद मौर्य ने महिला आरक्षण का किया स्वागत, केंद्र सरकार के सामने रखी ये खास मांग
UP News: पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण का स्वागत किया लेकिन इसके साथ ही उन्होंने इसमें एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व देने की मांग की है.

संसद के विशेष सत्र में आज महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक पेश किए जाएंगे, जिसके तहत 2029 में ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण का प्रावधान किया जाना है. जिसे लेकर देश में सियासी हलचल तेज है. अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसका समर्थन किया है लेकिन एक माँग भी रखी है.
स्वामी प्रसाद मौर्य बुधवार को मैनपुरी पहुंचे थे, जहां महिलाओं को 33 फ़ीसद आरक्षण दिए जाने की पहल का उन्होंने स्वागत किया. मौर्य ने कहा कि महिला आरक्षण में एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं की भी भागीदारी समानुपातिक होनी चाहिए और ये आरक्षण सही तरह से लागू हो ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
महिला आरक्षण पर क्या बोले स्वामी प्रसाद मौर्य?
मौर्य ने कहा हम महिला आरक्षण का स्वागत करते हैं लेकिन, इसमें कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए. महिलाओं को आरक्षण देने में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं की समानुपातिक भागीदारी शामिल होनी चाहिए.
Mainpuri, Uttar Pradesh: Apni Janata Party National President Swami Prasad Maurya says, "The share of SC, ST, and OBC women should also be proportionate and properly ensured. While we welcome women’s reservation, it should not be discriminatory. It must include equal and… pic.twitter.com/MxRtkKNoa5
— IANS (@ians_india) April 15, 2026
परिसीमन पर आर-पार के मूड में विपक्ष
बता दें कि महिला आरक्षण में संशोधन के लिए आज से संसद का दिन दिवसीय विशेष सत्र शुरू हो रहा हैं. इस संशोधन विधेयक को लेकर सत्ता और विपक्षी दल एक दूसरे सामने आ गए हैं. विपक्षी दल महिला आरक्षण की आड़ में सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं. विपक्षियों का कहना है कि सरकार का मकसद महिला आरक्षण के साथ परिसीमन बिल को साथ पास कराना है.
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत सभी विपक्षी दलों ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं. बुधवार को इस संबंध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्ष की बैठक भी हुई जिसमें ये फैसला लिया गया है कि महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन को लेकर जो प्रावधान लाए जा रहे हैं उनका पूरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा. हालांकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसका स्वागत किया है.
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Source: IOCL

























