उत्तराखंड चारधाम यात्रा से लौटे आवाहन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर  स्वामी अरुण गिरि ने यात्रा व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के व्यवहार को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पूरी यात्रा के दौरान वाहनों का कम से कम उपयोग किया, ताकि ईंधन की बचत हो सके और पर्यावरण पर भी अनावश्यक दबाव न पड़े.

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उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन आस्था और अनुशासन का प्रतीक है, इसलिए इसमें शामिल होने वाले हर श्रद्धालु का कर्तव्य है कि वह नियमों का पालन करे. अरुण गिरि ने साफ शब्दों में कहा कि यात्रा में हो रही कई अव्यवस्थाओं के लिए कुछ श्रद्धालु भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि लोग प्रशासन की बात मानने के बजाय पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और नियमों को नजरअंदाज करते हैं.

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चारधाम यात्रा को पिकनिक मना रहे कुछ लोग 

आचार्य महामंडलेश्वर  स्वामीअरुण गिरि ने कहा कि आजकल बड़ी संख्या में लोग चारधाम यात्रा को पिकनिक और सोशल मीडिया रील बनाने का माध्यम बना रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालु रास्तों में वाहन रोककर वीडियो और रील बनाते हैं, जिससे लंबा जाम लगता है और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है. वहीं पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी घंटों सड़क पर खड़े रहकर अपनी ड्यूटी निभाते हैं, लेकिन कई लोग उनका सहयोग करने के बजाय उनसे बहस करते हैं.

श्रद्धालुओं से अनुशासन की अपील 

स्वामी अरुण गिरि ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले सभी भक्त धैर्य और अनुशासन बनाए रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और यात्रा की पवित्रता को समझें. उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालु स्वयं जिम्मेदारी निभाएंगे तो यात्रा व्यवस्थाएं और अधिक सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकेंगी. यहां बता दें कि चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और कई बार विपरीत परिस्थितियां बन रहीं हैं.

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