उत्तर प्रदेस की सुल्तानपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर माता प्रसाद पांडेय हत्याकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, इस मामले में दो आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं. वहीं हत्या करने वाले शूटरों की पुलिस तलाश कर रही है. यह मामला कुड़वार थानाक्षेत्र का बताया जा रहा है.

Continues below advertisement

दरअसल, बीते 25 मार्च को कुड़वार थानाक्षेत्र के स्थानीय बाजार में उस समय हड़कंप मच गया था, जब मार्केट में बैठे थाने के हिस्ट्रीशीटर माता प्रसाद पाण्डेय को बाइक सवार बदमाशों ने घर के अंदर घुसकर गोली मार दी थी. इसी के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने कई नामजद और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था.

क्यों हुई थी हिस्ट्रीशीटर माता प्रसाद की हत्या?

पुलिस की मानें तो माता प्रसाद पांडेय जमीन फरोख्त का कार्य करता था. इसी ने एक जमीन का बैनामा करा लिया, जिसे राहुल सिंह और सुरेन्द्र खरीदना चाहते थे. बीते 25 मार्च को इसी जमीन को लेकर इन सभी के बीच बैठक भी हुई थी, जिसमें वाद विवाद इस कदर बढ़ गया था कि हाथापाई की नौबत आ गई थी. इसी के बाद देर शाम माता प्रसाद पाण्डेय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 

Continues below advertisement

घटना के बाद पुलिस ने नामजद आरोपी पिता पुत्र रमेश मौर्या और अनुराग मौर्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी थी. आज पुलिस ने रामनगर इमिलिया गांव के रहने वाले राहुल सिंह और सुरेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया.

शूटरों की सरगर्मी से पुलिस कर रही तलाश

पुलिस की माने तो राहुल की साजिश पर मामा उर्फ केसरी उपाध्याय और उमेश निषाद ने माता प्रसाद पाण्डेय की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था. फिलहाल राहुल सिंह और सुरेन्द्र को पुलिस जेल भेज रही है, जबकि फरार चल रहे शूटरों मामा उर्फ केशरी उपाध्याय और उमेश निषाद की सरगर्मी से तलाश कर रही है.